बेहतर उत्पादन वाली विष मुक्त के लिए “गौ आधारित प्राकृतिक खेती” एक अच्छा माध्यम है : आदित्यनाथ

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि कम लागत में बेहतर उत्पादन वाली विष मुक्त खेती के लिए “गौ आधारित प्राकृतिक खेती” एक अच्छा माध्यम है. उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा,”आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है: कम लागत में विषमुक्त खेती हम कैसे कर सकते हैं? हम आभारी हैं प्रधानमंत्री जी के, जिन्होंने केंद्रीय बजट में इसके लिए प्रावधान किया. यह विकल्प है “गौ आधारित प्राकृतिक खेती”.

प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश से 2020 में कहा था कि क्या गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में हम लोग इसे बढ़ावा दे सकते हैं? उन्होंने पूछा था कि औद्यानिक फसलों को, सब्जियों की खेती को क्या हम इस रूप में आगे बढ़ा सकते हैं. उस समय हम लोगों ने “गंगा यात्रा” निकाली थी. गंगा यात्रा ने अनेक स्थानों पर गंगा नर्सरी, गंगा उपवन, गंगा उद्यान आदि स्थापित करने में सफलता प्राप्त की.” उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में इसका प्रावधान है कि मां गंगा के दोनों तटों के पांच पांच किलोमीटर क्षेत्र में हमें प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही इसमें सहयोग करेंगी तथा राज्य सरकार ने बुंदेलखंड के पूरे क्षेत्र में भी प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने का कार्यक्रम बनाया है.

योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती को कम लागत में अच्छा उत्पादन और विष मुक्त खेती का अच्छा माध्यम बताते हुए कहा, ‘‘ इसके प्रोत्साहन के लिए मैं आप सभी कृषि वैज्ञानिकों का आ’’ान करूंगा, कि यदि आप लोग इस अभियान से जुड़ेंगे तो न केवल किसानों की आमदनी को कई गुना बढाने में सहायता मिलेगी, बल्कि तमाम प्रकार के रोगों से मुक्ति भी मिलेगी और गौ माता की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी. हम सभी लोग मिलकर इस कार्यक्रम में अपना योगदान करना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि 2017 में देश का चीनी उद्योग बंदी की ओर था, लेकिन बीते पांच वर्ष में सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को चलाया. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बीच 120 चीनी मिलें चलती रहीं और इन पांच वर्षों में सरकार ने एक लाख 75000 करोड़ का भुगतान गन्ना किसानों की करने में सफलता प्राप्त की. इस अवसर पर आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का भी जिक्र किया.

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