
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और उसने आगामी जनगणना में जातिगत गणना करने का ऐतिहासिक फैसला किया है. राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने के कुछ घंटे बाद गृहमंत्री शाह ने कहा कि सरकार ने सामाजिक समानता और हर वर्ग के अधिकारों के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता प्रर्दिशत की है.
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”सामाजिक न्याय के लिए संकल्पित मोदी सरकार ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज हुई सीसीपीए की बैठक में, आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लेकर सामाजिक समानता और हर वर्ग के अधिकारों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया है.”
शाह ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दशकों तक सत्ता में रहते हुए जातिगत जनगणना का विरोध किया और विपक्ष में रहते हुए इस पर राजनीति की. उन्होंने कहा कि इस निर्णय से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े सभी वर्गों का सशक्तीकरण होगा, समावेशन को बढ.ावा मिलेगा और यह वंचितों की प्रगति के नए मार्ग प्रशस्त करेगा.” केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिये गए निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी जनगणना में जातिगत गणना को ”पारदर्शी” तरीके से शामिल किया जाएगा.
उन्होंने साथ ही जाति आधारित सर्वेक्षण को ”राजनीतिक हथियार” के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया.
वैष्णव ने कहा कि जनगणना केंद्र के अधिकारक्षेत्र में आती है, लेकिन कुछ राज्यों ने सर्वेक्षण के नाम पर जातिगत गणना ”गैर-पारदर्शी” तरीके से की है, जिससे समाज में संदेह पैदा हुआ है.
भाजपा नेताओं ने जातिगत गणना के फैसले का स्वागत किया, कांग्रेस के विरोध को याद किया
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अगली जनगणना में जातिगत गणना कराए जाने की केंद्र की घोषणा को ऐतिहासिक बताया. इसके साथ ही पार्टी ने बुधवार को इस फैसले को सामाजिक समानता और समाज के हर वर्ग के अधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब करार दिया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित कई नेताओं ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में अभूतपूर्व कदम करार दिया. भाजपा नेताओं ने इसी के साथ जातिगत गणना के प्रति कांग्रेस की अतीत की अनिच्छा की ओर भी ध्यान दिलाया, जो अब राहुल गांधी के नेतृत्व में इसकी मांग कर रही थी.
अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”सामाजिक न्याय के लिए संकल्पित मोदी सरकार ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय लिया. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज हुई सीसीपीए (राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति) की बैठक में, आगामी जनगणना में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लेकर सामाजिक समानता और हर वर्ग के अधिकारों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया है.” उन्होंने आरोप लगाया, ”कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने दशकों तक सत्ता में रहते हुए जातिगत जनगणना का विरोध किया और विपक्ष में रहते हुए इस पर राजनीति की. इस निर्णय से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े सभी वर्गों का सशक्तीकरण होगा, समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और यह वंचितों की प्रगति के नए मार्ग प्रशस्त करेगा.”
नड्डा ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ”यह निर्णय आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर पिछड़ी हुई जातियों को मुख्यधारा में लाने तथा लंबे समय से अपने हक और अधिकार से अछूते लोगों को उनका सम्मान वापस लौटाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है.” उन्होंने कहा, ” कांग्रेस ने लंबे समय तक जातियों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने तथा उन्हें वोटबैंक का साधन बनाकर अपने राजनीतिक स्वार्थ को सिद्ध किया है. सरकार में रहते हुए कांग्रेस ने सदैव जातिगत जनगणना का विरोध किया, जिसका प्रमाण है कि स्वतंत्रता के बाद देश में आजतक जातिगत जनगणना नहीं हुई है.”
नड्डा ने कहा, ” मोदी सरकार का ये अभूतपूर्व निर्णय सामाजिक समरसता के विस्तार के साथ ही हर वर्ग के उत्थान एवं पिछड़े तबके के सम्मान को बढ़ाने में मील का पत्थर बनेगा. सर्व समाज के कल्याण हेतु इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मोदी जी का आभार व्यक्त करता हूं.” केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह निर्णय समानता, सद्भाव, सुशासन और सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत करेगा.
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने आज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जातिगत जनगणना को आगामी जनगणना में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की है. इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करता हूं.” प्रधान ने कहा, ”वंचितों और पिछड़ों को नीति-निर्माण के केंद्र में रखने, समाज के सभी वर्गों को जोड़ने, सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक असमानताओं को पारदर्शी और प्रामाणिक तरीके से दूर करने तथा सभी वर्गों के लिए उचित अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है.”
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने हमेशा जाति जनगणना के विषय पर छलावा किया है. कांग्रेस जब सरकार में थी तब इस विषय को केवल ‘कास्ट सर्वे’ तक सीमित रखा. कभी इसे जनगणना का हिस्सा नहीं बनाया. लेकिन मोदी सरकार की नीति स्पष्ट और दूरदर्शी निर्णय लेने वाली है. ऐतिहासिक गलतियों को सुधारने वाला यह संवेदनशील निर्णय माननीय प्रधानमंत्री जी की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण संभव हुआ है.” केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पर कहा, ”आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए देशभर में जातीय जनगणना को मंजूरी दी है.”
उन्होंने कहा, ”यह सामाजिक न्याय और समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है ,जातीय जनगणना हर वर्ग के उत्थान हेतु न्याय आधारित नीतियों की आधारशिला बनेगी और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की भावना को सार्थक करेगी. इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन!”



