अमरावती/हैदराबाद. वरिष्ठ तेलुगु पत्रकार कोमिनेनी श्रीनिवास राव को सोमवार को हैदराबाद में एक स्थानीय चैनल पर कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिसमें एक पत्रकार ने कथित तौर पर ग्रीनफील्ड राजधानी शहर अमरावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी.
गुंटूर जिले के पुलिस अधीक्षक एस. सतीश ने पुष्टि की है कि अमरावती की थुल्लूर पुलिस ने पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया है. सतीश ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “थुल्लूर पुलिस ने अमरावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में कोमिनेनी श्रीनिवास राव को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है.” उन्होंने बताया कि पत्रकार को तेलंगाना से आंध्र प्रदेश लाया जा रहा है. इस कार्यक्रम में शामिल पत्रकार वीवीआर कृष्ण राजू पर अमरावती और वहां की महिलाओं के खिलाफ जहर उगलने का आरोप लगाया गया.
तेदेपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार के एक करीबी सूत्र द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, राव एवं राजू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता समेत अन्य कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस बीच युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने कहा कि चार दिन पहले थुल्लूर पुलिस थाने में राव के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर “प्रसारण के दौरान हस्तक्षेप करने में विफल रहने” का आरोप लगाया गया था. प्रसारण में कथित कटु टिप्पणियां थीं.
वाईएसआरसीपी की ओर से जारी एक नोट में कहा गया है, “गिरफ्तारी के तुरंत बाद राव को विजयवाड़ा स्थानांतरित कर दिया गया. वरिष्ठ नागरिक राव ने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाया.” गिरफ्तारी की निंदा करते हुए वाईएसआरसीपी प्रमुख वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया.
रेड्डी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “किसी भी चर्चा में विविध राय स्वाभाविक है. अतिथियों के बयानों के लिए एंकर को दंडित करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि खतरनाक भी है.” पूर्व मुख्यमंत्री ने एक टेलीविजन बहस के दौरान अतिथियों द्वारा की गई टिप्पणियों के लिए संचालक को दंडित करने के पीछे के औचित्य पर सवाल उठाया तथा चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक विमर्श और प्रेस की स्वतंत्रता को खतरे में डालती है.
उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी के नेतृत्व वाली राजग सरकार पर राज्य में बुद्धिजीवियों, पत्रकारों और विपक्ष की आवाजों को चुप कराने के लिए भय और धमकी की रणनीति का इस्तेमाल करते हुए असहमति को दबाने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू विफलताओं, भ्रष्टाचार और पूरे नहीं किए गए चुनावी वादों से जनता का ध्यान हटाने के लिए “राज्य तंत्र को हथियार बना रहे हैं”. रेड्डी ने चेतावनी देते हुए कहा, “आपको (नायडू) पांच साल दिए गए थे – एक साल पहले ही बीत चुका है. वह दिन आएगा जब लोग आपके दुर्व्यवहारों और अन्याय के लिए जवाब मांगेंगे.”