मेरठ के चर्चित सांप कांड में शुक्रवार को कोर्ट बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही इस मामले को कोर्ट ने ‘रेयर ऑफ द रेयरस्ट’ बताया।
बताते चलें कि रविता ने अपने पति की हत्या को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए शव पर सांप छोड़ने की साजिश रची गई थी। इससे पहले मामले की कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई हुई। सरकारी वकील ने रविता और अमरदीप को फांसी की मांग की। वहीं दोनों दोषियों रविता और अमरदीप ने कुछ भी कहने से मना कर दिया।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से पिछले साल सामने आए अनोखे ‘सर्पदंश हत्याकांड‘ (Snakebite Murder Case) में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव के रहने वाले अमित कश्यप की हत्या के मामले में कोर्ट ने उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
इस शातिर जोड़ी ने अवैध संबंधों के चलते पति की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या करने के बाद इसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की फिल्मी साजिश रची थी।
क्या थी पूरी घटना?
यह घटना 13 अप्रैल 2025 की है। मृतक अमित कश्यप की पत्नी रविता का संबंध अमरदीप से था, जो उसके साथ टाइल्स-पत्थर लगाने का काम करता था और अक्सर उनके घर आता-जाता था। जब अमित को इस अवैध संबंध की भनक लगी, तो दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया।
योजना के तहत आरोपियों ने एक सपेरे से एक हजार रुपए में एक सांप खरीदा था। घटना की रात जब अमित गहरी नींद में सो रहा था, तब रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप को घर बुलाया। दोनों ने मिलकर अमित का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मौत को प्राकृतिक या सर्पदंश दिखाने के लिए उसके शव के पास एक जिंदा सांप छोड़ दिया ताकि सबको लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। सुबह जब परिवार के लोग जागे तो रविता ने ढोंग रचते हुए दावा किया कि अमित की मौत सांप के डसने से हुई है।
ऐसे खुला साजिश का राज़
शुरुआत में परिवार को लगा कि मामला वाकई सर्पदंश का है, लेकिन जब मृतक के भाई ने कड़ा ऐतराज जताते हुए पोस्टमार्टम कराया, तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने होश उड़ा दिए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि अमित की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके अलावा मेडिकल जांच में यह भी सामने आया कि जिस सांप को बिस्तर पर छोड़ा गया था, न तो वह जहरीला था और न ही उसके मुंह में दांत थे।
पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो पत्नी रविता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर जुर्म कबूल कर लिया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 से अधिक गवाह पेश किए गए और मजबूत सबूत रखे गए।
दोनों पक्षों की लंबी दलीलों और सुनवाई के बाद अदालत ने रविता और अमरदीप को इस जघन्य अपराध का पूरी तरह दोषी मानते हुए मृत्युदंड का फैसला सुनाया है। पीड़ित परिवार ने इस फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि इस तरह के कुकृत्य करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलना समाज के लिए जरूरी है।
याद दिला दें कि कल ही मेरठ की अदालत ने नीला ड्रम काण्ड के हत्यारोपी प्रेमी प्रेमिका को फांसी की सजा सुनाई थी। और आज ऐसा ही एक और फैसला आ गया।