उप्र विधानसभा में श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक समेत तीन विधेयक पेश

Author: navabharat digital
UPDATED: Wed, 13 Aug 2025 03:14 PM
उप्र विधानसभा में श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक समेत तीन विधेयक पेश

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक, 2025 समेत तीन विधेयक पेश किये गये। श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास विधेयक, 2025 में न्­यासी बोर्ड के गठन का प्रावधान किया गया है, जिसके न्यासियों की राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक के अनुसार, बोर्ड में 11 मनोनीत और सात पदेन सदस्य शामिल होंगे।

विधेयक के अनुसार, नामित सदस्यों में वैष्­णव परंपराओं, संप्रदायों या पीठों से संबंधित तीन प्रतिष्ठित व्यक्ति, सनातन धर्म की अन्­य परंपराओं, संप्रदायों एवं पीठों से संबंधित तीन प्रतिष्ठित व्यक्ति (संत, मुनि, गुरु, विद्वान, महंत, आचार्य आदि) शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा सनातन धर्म की किसी भी शाखा या संप्रदाय से संबंधित ऐसे तीन व्यक्ति भी इसमें शामिल हो सकते हैं जो शिक्षाविद, विद्वान, उद्यमी, समाजसेवी आदि हों। मंदिर में सेवायत गोस्वामी परंपरा से दो ऐसे सदस्य नामित किए जाएंगे जो स्वामी श्री हरिदास जी के वंशज हों।

विधेयक में प्रावधान किया गया है कि मथुरा का जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्­त, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद का मुख्­य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ विभाग का एक अधिकारी, श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास का मुख्­य कार्यपालक अधिकारी और राज्­य सरकार द्वारा न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए नियुक्ति किया गया कोई सदस्­य इस न्­यासी बोर्ड के पदेन सदस्य होंगे।

उत्तर प्रदेश के मुख्­यमंत्री योगी आदित्­यनाथ की ओर से प्रस्तावित विधेयक के उद्देश्य और कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि मथुरा जिले के वृंदावन नगर में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर एक प्राचीन एवं विश्व प्रसिद्ध मंदिर है जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। यह मंदिर लगभग 870 वर्ग मीटर में फैला हुआ है जिसमें से लगभग 365 वर्ग मीटर का उपयोग दर्शनीय प्रांगण के रूप में किया जाता है।

इसमें बताया गया कि श्री बांके बिहारी जी मंदिर तक पहुंचने का मार्ग अत्यंत संकरा होने की वजह से श्रद्धालुओं और आगंतुकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। विधेयक के उद्देश्यों का जिक्र करते हुए कहा गया कि 20 अगस्त 2022 को इस मंदिर में अत्यधिक भीड़ के कारण दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जिसके कारण कुशल भीड़ प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता पड़ी।

इसमें कहा गया कि तीथयात्रा, धार्मिक, सांस्­कृतिक, आध्­यात्मिक एवं स्­थापना संबंधी पहलुओं सहित मंदिर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ‘श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास’ नामक एक न्यास के गठन का निर्णय लिया गया है। यह स्पष्ट किया गया कि राज्­य विधानमंडल सत्र में नहीं था और इस कार्य के लिए तुरंत विधायी कदम उठाना जरूरी था इसलिए राज्यपाल ने 26 मई 2025 को उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्­यास अध्यादेश, 2025 जारी किया।

यह विधेयक उस अध्यादेश को ही प्रतिस्थापित करने के लिए पेश किया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक, 2025 और उत्तर प्रदेश राज्­य लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया का विनियमन) (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया गया।

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