
कन्नूर. कुत्ते के काटने से संबंधित नुक्कड़ नाटक ‘पेक्कालम’ (काटने का समय) करते हुए एकल कलाकार राधाकृष्णन को एक अप्रत्याशित अनुभव से तब गुजरना पड़ा जब एक आवारा कुत्ते ने उन्हें वास्तव में काट लिया. उत्तरी केरल के मय्यिल गांव में रविवार की शाम को इस एकल नाटक का प्रदर्शन किया गया जिसमें एक बच्चे पर कुत्ता हमला कर देता है. दृश्य में वास्तविकता लाने के लिए पृष्ठभूमि पर कुत्ते के भौंकने और बच्चे के चिल्लाने की आवाज दी गई थी. हालांकि, इसी दौरान एक कुत्ता मंच पर कूदकर आ गया और उसने कलाकार राधाकृष्णन पैर के पिछले हिस्से में काट लिया.
राधाकृष्णन ने सोमवार को मीडिया को बताया,” कुत्ता बाहर से आया और उसने मुझ पर दांत गड़ा दिये” उन्होंने कहा,”मैंने उसे अपने डंडे से भगाया और अपना काम करने लगा. इस नाटक की सबसे खास बात यह थी कि दर्शकों को लगा कि वह कुत्ता नाटक का हिस्सा था.” राधाकृष्णन (50) ने अपने 15 मिनट के बचे नाटक को पूरा किया और इसके उपरांत नाटक के आयोजकों को उनके साथ हुई घटना की जानकारी दी. बाद में उन्हें परियारम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाया गया.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उन्होंने कहा, “विडंबनापूर्ण, है कि नहीं?” अवारा कुत्तों के खतरों पर यह उनकी पांचवी एकल प्रस्तुति थी. राधाकृष्णन ने कहा, “आवारा कुत्तों के हमलों पर आधारित एक एकल नाटक ने मुझे वास्तविकता का एक सच्चा एहसास कराया. यह एक ऐसा अनुभव था जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा!” केरल पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों की समस्या से जूझ रहा है और राज्य में रेबीज के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों ने चिंता जताई है.



