दमोह में युवक को ब्राह्मण के पैर धोकर पानी पीने को किया मजबूर, मामला दर्ज कर जांच शुरू

दमोह. मध्यप्रदेश के दमोह जिले में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल कर ब्राह्मण समाज के एक युवक का मीम सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में कुशवाहा समाज के एक युवक को कथित सजा के तौर पर पैर धुलवाकर उसका पानी पीने के लिए मजबूर किया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने रविवार को प्राथमिकी दर्ज की और कार्रवाई शुरू की.

उन्होंने बताया कि यह घटना जिले के पटेरा थाना अंतर्गत ग्राम सतरिया गांव में शनिवार को हुई. किसी ने यह पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया और फिर उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया. यह वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है.
दमोह के कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंच कर इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि मामला काफी गंभीर है और इस पर जांच के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि इसमें जो भी दोषी होगा उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने बताया कि गांव के परसोत्तम कुशवाहा नामक युवक ने गांव के ही अन्नू पांडे का एक मीम इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया था. उन्होंने बताया कि इस पोस्ट में एआई तकनीक का इस्तेमाल करके अन्नू पांडे को जूते की माला पहने दिखाया गया था, जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया. सोमवंशी ने कहा कि विवाद ब­ढ़ता देख परसोत्तम ने पोस्ट डिलीट कर दी और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली.

अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) प्रशांत सिंह सुमन ने बताया कि पटेरा थाने के सतरिया गांव का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें युवक को पैर धुलाते हुए दिखाया गया है. उन्होंने भी कहा कि इस मामले में पटेरा थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक परसोत्तम की ओर से साझा किए गए वीडियो के वायरल होने के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई और फिर उससे अन्नू पांडे के पैर धुलवाए गए तथा वही पानी पीने को उसे मजबूर किया गया. उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं परसोत्तम से 5,100 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया.

हालांकि, पीड़ित परिवार ने अब तक किसी तरह की शिकायत नहीं की है. इस बीच, एक अन्य वीडियो भी स्थानीय स्तर पर साझा किया जा रहा है, जिसमें परसोत्तम कुशवाहा कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि कुछ लोग इस मामले को सामाजिक मुद्दा बना रहे हैं.

वह वीडियो में कथित तौर पर कह रहा है, “मेरे द्वारा जो गलती की गई थी, मैंने माफी मांग ली है. मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहता हूं.” परसोत्तम इस वीडियो में कथित तौर पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से इस मामले में किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने का आग्रह करता दिख रहा है. राज्य की सत्तारू­ढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को हर अपराध में राजनीति दिखती है, मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार में तुरंत और सख्त कार्रवाई की जाती है.

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पांडेय सहित अन्य व्यक्तियों पर अपराध क्रमांक 281/25, धारा 296, 196(1)(इ), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा, “जांच जारी है और दोषियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया प्रगति पर है.” अग्रवाल ने कहा कि ऐसे मामलों में भाजपा सरकार की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति बिल्कुल स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में किसी भी प्रकार का सामाजिक भेदभाव या अपमान अस्वीकार्य है, कानून सबके लिए समान है और हर दोषी पर कठोरतम कार्रवाई होगी.

उन्होंने कहा, “कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि भाजपा की सरकार संविधान के सिद्धांतों पर चलती है न कि राजनीतिक लाभ के हिसाब से. जहां कांग्रेस केवल बयान देती है, वहीं भाजपा काम करके दिखाती है.” इससे पहले, कांग्रेस ने इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताया और कहा था कि यह देश के संविधान के खिलाफ है.

पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “संविधान ने देश के हर नागरिक को समान दर्जा दिया है.दलितों-पिछड़ों के साथ हो रही ऐसी घटनाएं पूरे देश और समाज पर कलंक हैं. ऐसी घटनाओं की जितनी भर्त्सना की जाए वो कम है.” कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि देश बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान से चलेगा न कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के ‘चहेते मनुवाद’ से.

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