परीक्षा रुकवाने के लिए प्राचार्य की मौत का फर्जी पत्र प्रसारित किया, दो छात्रों पर मामला दर्ज

इंदौर. इंदौर के एक प्रतिष्ठित महाविद्यालय में परीक्षा रुकवाने के लिए प्राचार्य की मौत का फर्जी पत्र तैयार करके इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में दो छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद महाविद्यालय की अनुशासन समिति ने दोनों छात्रों को 60 दिन के लिए संस्थान से निलंबित कर दिया है.

भंवरकुआं थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने बताया कि शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनामिका जैन की शिकायत पर ‘बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन’ (बीसीए) पाठ्यक्रम के तृतीय सेमेस्टर के दो छात्रों के खिलाफ बुधवार रात मामला दर्ज किया गया.

यादव ने बताया कि यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(4) (किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के इरादे से जान-बूझकर नकली दस्तावेज बनाना) के तहत पंजीबद्ध किया गया. इस कानूनी प्रावधान के तहत दोषी को तीन साल तक के कारावास की सजा हो सकती है और उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों के नियमित मूल्यांकन के लिए होने वाली ऑनलाइन परीक्षा रुकवाने और कक्षाएं स्थगित कराने की कथित साजिश के तहत इस संस्थान की प्राचार्य की मौत का झूठा पत्र तैयार किया और इसे 14 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया.

महाविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि ”आवश्यक सूचना” के शीर्षक वाले पत्र को इस संस्थान के लेटरहेड की नकल करते हुए तैयार किया गया था और इसमें कहा गया था कि प्राचार्य जैन के ‘आकस्मिक देहांत’ के कारण 15 अक्टूबर और 16 अक्टूबर को होने वाली ऑनलाइन परीक्षा स्थगित कर दी गई है और सभी विषयों की कक्षाओं को भी स्थगित किया जाता है. महाविद्यालय की प्राचार्य जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दोनों छात्रों ने संस्थान प्रबंधन के सामने अपनी गलती लिखित में कबूल कर ली है.

जैन ने बताया कि महाविद्यालय की अनुशासन समिति की बैठक में दोनों छात्रों को 60 दिन के लिए निलंबित करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है. उन्होंने कहा, ”मेरी मौत के बारे में फर्जी पत्र के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद से मैं और मेरे परिजन बेहद परेशान हैं. पत्र को सही मानकर कई लोग शोक जताने के लिए मेरे घर भी पहुंच गए थे.” प्राचार्य ने कहा कि पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आइंदा ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

जैन ने किसी भी व्यक्ति का नाम लिए बगैर कहा कि लंबे समय से कुछ विघ्नसंतोषी तत्व अलग-अलग हरकतों से उन्हें परेशान कर रहे हैं ताकि वह प्राचार्य के तौर पर अपने शासकीय कर्तव्य को ठीक से नहीं निभा सकें. होलकर विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना इंदौर के तत्कालीन शासक शिवाजी राव होलकर ने 1891 में की थी. इस महाविद्यालय की गिनती मध्य भारत के सबसे पुराने विज्ञान महाविद्यालयों में होती है. इसमें फिलहाल करीब 15,000 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं.

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