योगी आदित्यनाथ ने सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसर्किमयों के परिवारों को मदद का भरोसा दिलाया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसर्किमयों को मंगलवार को लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ड्यूटी के प्रति समर्पण के लिए पुलिस की तारीफ की और ड्यूटी के दौरान प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिसर्किमयों के परिवारों को सरकार की तरफ से लगातार मदद का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पुलिसर्किमयों को पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। रिजर्व पुलिस लाइन में सोमवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर प्रदेश पुलिस के उन तीन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने एक सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 के बीच बदमाशों से मुठभेड़ में अपने प्राणों की आहुति दी।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के इन तीनों पुलिस र्किमयों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘हम आज देश के उन सभी शहीद पुलिसवालों को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए हैं जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान कुर्बान कर दी और ड्यूटी के प्रति मिसाल कायम की।’’

उन्होंने कहा, ह्लमैं उन्हें दिल से श्रद्धांजलि देता हूं। मैं उनके परिवारों को भी भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारी सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4,061.87 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि बजट में डायल-112 वाहनों की खरीद के लिए 210 करोड़, उपकरणों के लिए 272.75 करोड़ और पुलिस आधुनिकीकरण योजना के लिए 53.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निधि से 317 निर्माण कार्यों के लिए 900 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए, जिनमें से 635 करोड़ से 140 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस के आधारभूत ढांचे के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं और विभिन्न श्रेणी के 31 हजार पदों का सृजन किया गया है। आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या, मिर्जापुर, चंदौली और सिद्धार्थनगर में 78 महिला पुलिस चौकियां, परामर्श केंद्र तथा प्रत्येक जनपद में एक-एक महिला थाने को भी मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक 15,000 से अधिक पुलिस मुठभेड़ में 257 दुर्दांत अपराधी मारे गए, 10,000 से अधिक घायल हुए। आदित्यनाथ ने कहा कि 20 मार्च 2017 से अब तक 26,920 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम और 961 पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई हुई।

उन्होंने कहा कि 14,467 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई और 68 माफियाओं तथा उनके 2,000 से अधिक साथियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि ‘आॅपरेशन कन्विक्शन’ के तहत 69 अपराधियों को मृत्युदंड और 8,501 को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई।

वहीं, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘पिछले एक साल में राज्य के तीन पुलिस र्किमयों ने काम करते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी है। इसमें एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार, जौनपुर पुलिस के मुख्य कांस्टेबल दुर्गेश कुमार ंिसह और गौतम बुद्ध नगर कमिश्नरेट के कांस्टेबल सौरभ कुमार शामिल हैं।’’ उन्होंने उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सरकार और पुलिस बल की कोशिशों के नतीजे अब दिखने लगे हैं। इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के पुलिस र्किमयों की सेवा और कर्तव्यनिष्ठा समाज के लिए एक आदर्श मॉडल है।
उनकी यह टिप्पणी पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर आई। उन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस र्किमयों को श्रद्धांजलि भी दी।

आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘‘पुलिस स्मृति दिवस’ पर ड्यूटी के दौरान अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले सभी अमर बलिदानी पुलिस र्किमयों को विनम्र श्रद्धांजलि।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस कार्मिकों की सेवा और कर्तव्यनिष्ठा समाज के लिए एक आदर्श मॉडल है। उनका बलिदान राष्ट्र की आत्मा में अमिट प्रकाश बनकर सभी को प्रेरित करता रहेगा। जय ंिहद।’’ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी जनता की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिसर्किमयों को याद किया।

मौर्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘देश की सुरक्षा व जनसेवा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर पुलिसर्किमयों को पुलिस स्मृति दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।’’ उन्होंने कहा, ‘‘‘उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। जय हिन्द।’’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button