
नयी दिल्ली. भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद में कटौती करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फिर से दावा करने को लेकर कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष किया और कहा कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि प्रधानमंत्री की ”गले लगाने की कूटनीति” कुआलालंपुर में नहीं दिखी.
विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने यह कटाक्ष ऐसे समय किया है, जब ट्रंप ने आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मलेशिया जाते समय संवाददाताओं से कहा कि ”भारत रूसी तेल की खरीद में पूरी तरह कटौती कर रहा है.” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ह्लबीती रात, एयर फ.ोर्स वन में कुआलालंपुर जाते समय, राष्ट्रपति ट्रंप ने कम से कम छठी बार यह दावा दोहराया कि भारत रूस से तेल के आयात में कटौती कर रहा है. इस बार उन्होंने कहा है कि भारत रूस से तेल के आयात को पूरी तरह शून्य कर देगा.ह्व रमेश ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि श्रीमान मोदी की ‘हग्लोमैसी’ (गले लगाने की कूटनीति) आज कुआलालंपुर में नहीं दिखी.” रमेश ने ट्रंप की पत्रकारों के साथ बातचीत का एक वीडियो क्लिप भी साझा किया, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा रूसी तेल आयात में कटौती करने के अपने दावे को दोहराया.
रविवार से शुरू हुए आसियान शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया की यात्रा नहीं करने और इसमें डिजिटल तरीके से भाग लेने का विकल्प चुनने के बाद, कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मलेशिया नहीं जा रहे हैं क्योंकि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सामना नहीं करना चाहते.
रमेश ने पिछले सप्ताह कहा था, ”सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ. में संदेश पोस्ट करना एक बात है, लेकिन उस व्यक्ति के साथ आमने-सामने होना दूसरी बात है, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रोकने का दावा 53 बार किया है और पांच बार यह कहा है कि भारत ने रूस से तेल ख.रीदना बंद करने का वादा किया है… यह उनके लिए काफ.ी जोखिम भरा है.” मलेशिया ने शिखर सम्मेलन के लिए ट्रंप के साथ-साथ दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के कई वार्ता साझेदार देशों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है.
ट्रंप ने अपना दावा दोहराया है कि भारत रूस से तेल खरीदना “बंद” करने पर सहमत हो गया है और साल के अंत तक उसे “लगभग शून्य” पर ला देगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया है और इसमें कुछ समय लगेगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह चीन को भी ऐसा करने के लिए राजी करने की कोशिश करेंगे. चीन और भारत रूसी कच्चे तेल के दो सबसे बड़े खरीदार हैं.



