
लखनऊ/नयी दिल्ली. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां कहा कि पर्व और त्योहार केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन विरासत के प्रतीक भी हैं. लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान स्थित गोमती नदी के तट पर छठ पूजा के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “पर्व और त्योहार केवल एक आयोजन नहीं है…ये हमारी सामाजिक एकता, आध्यात्मिक उन्नयन, भारत की प्राचीन विरासत के प्रतीक भी हैं.” अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के अध्यक्ष प्रभुनाथ राय द्वारा आयोजित इस समारोह में गोमती तट पर उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजपुरी समाज आज देश और दुनिया के हर कोने में छठ पर्व की आस्था से जुड़ा है.
उन्होंने कहा, “यह पर्व आत्मशुद्धि और लोक-कल्याण का प्रतीक होने के साथ ही सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश भी देता है.” आदित्यनाथ ने छठी माता की कृपा आमजन पर बने रहने की कामना करते हुए कहा कि दुनिया में ऐसे आयोजनों के उदाहरण मिलना मुश्किल है. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और लखनऊ की महापौर सुषमा खरकवाल भी उपस्थित थीं.
दिल्ली में इस साल छठ की छटा ही अलग है: मुख्यमंत्री गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार शाम को छठ महापर्व में शामिल हुईं और कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय राजधानी में त्योहार की भव्यता और वैभव पहले से अलग है. गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेंद्र चंदोलिया के साथ मंगलोपुरी में एक छठ घाट का दौरा किया.
दिल्ली के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, ”इस समय मनाया जा रहा छठ पर्व का वैभव, भव्यता और दिव्यता दिल्लीवासियों को राहत प्रदान कर रही है. मैं छठी मैया से दिल्ली की समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करती हूं.” मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना किनारे कई वर्षों के बाद यह त्योहार मनाया जा रहा है. दिल्ली की पिछली सरकार के दौरान सूर्य देव को अर्घ्य देने सहित छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने दिल्ली में बसे पूर्वांचली समुदाय द्वारा त्योहार मनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. एक अनुमान के मुताबिक दिल्ली की आबादी में पूर्वांचलियों (पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों के लिए संयुक्त संबोधन)की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत हैं और मतदाताओं के सबसे बड़े वर्गों में से एक हैं. दिल्ली सरकार ने यमुना तट पर पल्ला से कालिंदीकुंज तक 17 स्थानों पर घाट तैयार किए हैं, इसके अलावा शहर के उद्यानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 1,500 अस्थायी घाट भी बनाए हैं. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा सहित कई भाजपा नेताओं ने भी छठ पूजा में शामिल हुए.



