शिवसेना यूबीटी में बगावत: उद्धव बोले- जल्द रखेंगे पक्ष; राउत ने कहा- शिंदे ने पैदा किए छह गद्दार, आदित्य भाजपा पर हमलावर

मुंबई: शिवसेना यूबीटी में बगावत और कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे, नेता आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत ने भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्धव ठाकरे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिलहाल बागी सांसदों को अपनी बात रखने दीजिए। उन्होंने कहा कि जब उन्हें उचित समय लगेगा, तब वह मीडिया को बुलाकर अपनी पार्टी का पक्ष विस्तार से रखेंगे। उद्धव ने संकेत दिया कि जल्द ही शिवसेना यूबीटी भी पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देगी।

आदित्य ठाकरे भाजपा पर हमलावर

इस बीच, आदित्य ठाकरे ने भाजपा सरकार पर देश की सुरक्षा, महंगाई, किसानों और आम जनता के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है। अगर इतने समय में भी घुसपैठ नहीं रोकी जा सकी, तो यह सरकार की विफलता है। मुख्यमंत्री की ओर से ऑपरेशन टाइगर को सफल बताए जाने पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार को राजनीतिक अभियानों की बजाय शासन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पूछा कि देश की विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा, जल संकट और महंगाई की स्थिति क्या है। उनके अनुसार सरकार जनता की समस्याओं को छोड़कर केवल राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त है।

सरकार से आदित्य ने मांगा इस्तीफा

आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि सरकार को प्रशासन चलाना नहीं आता, तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल राजनीतिक ऑपरेशन चलाने में लगी है, जबकि किसानों, महिलाओं, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों को तोड़कर संसद में अपनी संख्या बढ़ाना है। आदित्य के अनुसार भाजपा संविधान में बदलाव करना चाहती है और इसी उद्देश्य से अन्य दलों के जनप्रतिनिधियों को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं दिया था, इसलिए अब वह अन्य दलों को तोड़कर अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

बागियों पर भी आदित्य ने साधा निशाना

आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसद और विधायक महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के संयुक्त प्रयासों से चुने गए थे, लेकिन अब कुछ लोग जनता के जनादेश के खिलाफ जाकर पक्ष बदल रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर यह आरोप भी लगाया कि सरकारी योजनाओं और कर्मचारियों के वेतन के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन सांसदों को अपने पक्ष में करने के लिए संसाधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि असली शिवसेना केवल शिवसेना (यूबीटी) है और शिंदे गुट भाजपा के प्रभाव में काम कर रहा है। बता दें कि हाल ही में नई दिल्ली में हुई शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की बैठक में पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल तीन सांसद ही शामिल हुए थे। छह सांसदों की अनुपस्थिति के बाद उनके शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें और तेज हो गई हैं। इसी घटनाक्रम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

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