
न्यूयॉर्क/मुंबई/नयी दिल्ली. भारतीय मूल के 34 वर्षीय जोहरान ममदानी ने मंगलवार को न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में ”निर्णायक एवं ऐतिहासिक” जीत हासिल की. उन्होंने अपने विजय भाषण के दौरान पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को उद्घृत करते हुए कहा कि शहर ”पुराने से नए” युग की ओर बढ़ रहा है.
ममदानी ने रिपब्लिकन उम्मीदवार र्किटस स्लिवा तथा दिग्गज नेता एवं न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराया, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे. ममदानी प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं. ममदानी का जन्म युगांडा में हुआ था. इस जीत के साथ ही वह अमेरिका के सबसे बड़े शहर में मेयर बनने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं.
ममदानी की ऐतिहासिक जीत को 84 लाख से अधिक की आबादी वाले इस शहर के प्रशासनिक कामकाज में प्रगतिशील राजनीति की वापसी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने श्रमिक वर्ग के मुद्दों को प्राथमिकता देने का संकल्प जताया है. ममदानी ने न्यूयॉर्क में रहने को किफायती बनाने के लिए मुफ्त बाल देखभाल, मुफ्त बस सेवाएं और सरकार द्वारा संचालित किराने की दुकानों जैसी पहल का प्रस्ताव रखा है.
ममदानी ने आधी रात के आसपास डाउनटाउन ब्रुकलिन के एक संगीत स्थल ‘ब्रुकलिन पैरामाउंट’ में अपने हजारों समर्थकों के सामने जोशीले विजयी भाषण में कहा, ”भविष्य हमारे हाथों में है. दोस्तों, हमने एक राजनीतिक वंश को उखाड़ फेंका है.” उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट और अपने समर्थकों के नारों के बीच कहा, ”न्यूयॉर्क, आज रात आपने कर दिखाया! यह बदलाव का जनादेश है! एक नयी तरह की राजनीति का जनादेश! एक ऐसे शहर का जनादेश, जहां रहने का खर्चा हम वहन कर सकते हैं.”
ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत की बात करते हुए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू के 1947 में दिए भाषण का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, ”आपके सामने खड़े होकर मुझे जवाहरलाल नेहरू के शब्द याद आते हैं – इतिहास में कभी-कभी ऐसा क्षण आता है जब हम पुराने से नए युग में कदम रखते हैं, जब एक युग समाप्त होता है और जब किसी राष्ट्र की लंबे समय से दबाई गई आत्मा को अभिव्यक्ति मिलती है.” उन्होंने कहा, ”आज रात, हमने पुराने से नए युग में कदम रख लिया है. तो आइए अब हम स्पष्टता और दृढ़ विश्वास के साथ इस बारे में बात करें कि यह नया युग क्या लाएगा और किसके लिए लाएगा.” ममदानी ने अपने विजय भाषण में ट्रंप को चुनौती दी, जिन्होंने राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल में आव्रजन पर कड़ी कार्रवाई शुरू की है. उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क को आव्रजकों द्वारा चलाया जाएगा और उनकी ऐतिहासिक जीत के बाद इसका ”नेतृत्व भी एक आव्रजक” द्वारा किया जाएगा.
ममदानी की जीत का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप मूल रूप से न्यूयॉर्क से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने लोगों से लगातार अपील की थी कि वे डेमोक्रेटिक-सोशलिस्ट को वोट न दें. न्यूयॉर्क का मेयर पद जीतने के अलावा, डेमोक्रेट ने वर्जीनिया और न्यू जर्सी में गवर्नर पद के चुनाव भी जीते, जिसके परिणामों को मोटे तौर पर ट्रंप के लिए जनता के समर्थन में गिरावट के रूप में देखा जा रहा है. कई विश्लेषकों ने ममदानी की जीत को अमेरिका की घरेलू राजनीति में जारी मंथन का प्रतिबिंब माना, जबकि कुछ अन्य का मानना है कि इससे युवा नेता और ट्रंप के बीच कड़ी प्रतिद्वंद्विता शुरू हो सकती है.
रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ सी राजा मोहन ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में लिखा, ”चाहे ममदानी न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में सफल हों या नहीं, वह अमेरिकी घरेलू राजनीति में जारी मंथन और अमेरिका की ‘राजनीतिक आत्मा’ के लिए चल रही प्रतिस्पर्धा पर प्रकाश डालते हैं.” ममदानी ने 9,48,202 वोट (50.6 प्रतिशत) प्राप्त कर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर का चुनाव जीता, जिसमें 83 प्रतिशत वोट पड़े. कुओमो को 7,76,547 वोट (41.3 प्रतिशत) मिले जबकि स्लिवा को 1,37,030 वोट मिले.
ममदानी की जीत के साथ न्यूयॉर्क शहर और अमेरिका में एक नए राजनीतिक व वैचारिक दौर की शुरुआत हो गई है. अब एक लोकतांत्रिक व समाजवादी विचारधारा का व्यक्ति उस शहर की बागडोर संभालने जा रहा है, जहां पूंजीवाद का दबदबा रहा है.
भारतीय मूल के ममदानी प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं. उनका जन्म व पालन-पोषण युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ, और सात वर्ष की आयु में वह अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क शहर आ गए. ममदानी ने हाल ही में, वर्ष 2018 में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की थी. ममदानी ने ‘ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस’ से पढ़ाई की और बॉडविन कॉलेज से एफ्रीकाना स्टडीज में स्नातक की डिग्री प्राप्त की.
ममदानी के विजय भाषण में पंडित नेहरू के भाषण का उल्लेख, पृष्ठभूमि में बजा ‘धूम मचा ले’
न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित महापौर जोहरान ममदानी अपने पहले विजय भाषण में अपनी भारतीय जड़ों का बखान करना नहीं भूले, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर भारत या भारतीयों का जिक्र नहीं किया. मंच पर अपने भारतीय मूल के माता-पिता और पत्नी रमा दुवाजी के साथ, ममदानी ने अपने विजय भाषण में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रसिद्ध ‘ट्रस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण का हवाला दिया. ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत की बात करते हुए नेहरू का ज.क्रि किया.
ममदानी ने कहा, ”आपके सामने खड़े होकर, मैं जवाहरलाल नेहरू के शब्दों को याद करता हूं: ”इतिहास में एक क्षण आता है, लेकिन बहुत कम, जब हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ाते हैं, जब एक युग का अंत होता है, और जब एक राष्ट्र की आत्मा, जो लंबे समय से दमित थी, अभिव्यक्ति पाती है.” ममदानी जब मंच से उतरे तो 2004 की ब्लॉकबस्टर हिंदी फिल्म ”धूम” का जोश भरा गीत ‘धूम मचा ले’ पृष्ठभूमि में बज रहा था.
इस गीत के इस्तेमाल पर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई और लोगों ने ममदानी द्वारा इस गाने के चुनाव की सराहना की.
यह पहली बार नहीं है जब ममदानी ने हिंदी सिनेमा की लोकप्रियता का इस्तेमाल किया है. न्यूयॉर्क के भारतीय अमेरिकी मतदाताओं तक पहुंचने के लिए उनके कई प्रचार वीडियो में हिट हिंदी फिल्मों के गानों और संवादों का इस्तेमाल किया गया था, जो काफी प्रभावशाली रहे हैं. उदाहरण के लिए, एक वीडियो में ”दीवार”, ”कर्ज” और ”ओम शांति ओम” का ज.क्रि था, जो हिट फिल्में हैं. ममदानी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं.
जोया अख्तर, हंसल मेहता ने जोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क का मेयर बनने पर उनकी मां मीरा नायर को बधाई दी
फिल्म निर्माता जोया अख्तर और हंसल मेहता ने बुधवार को फिल्म निर्देशक मीरा नायर को उनके बेटे जोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क शहर का मेयर चुने जाने पर बधाई दी. भारतीय मूल के 34 वर्षीय जोहरान ममदानी को मंगलवार को न्यूयॉर्क सिटी का मेयर चुना गया. प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर और भारतीय मूल के युगांडा के लेखक महमूद ममदानी के पुत्र जोहरान ममदानी ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन पार्टी के र्किटस स्लिवा को हराया है. अख्तर ने ‘इंस्टाग्राम’ पर ममदानी को जीत की बधाई दी.
हंसल ने सोशल मीडिया पर एक ‘पोस्ट’ में लिखा, ”दूर न्यूयॉर्क शहर से, अंधेरे में उम्मीद की किरण. जोहरान ममदानी और मीरा नायर को बधाई.” फिल्म जगत से सोनम कपूर, अली फजल और तिलोत्तमा शोम ने भी ममदानी के चुनाव के बारे में पोस्ट साझा किए और उन्हें जीत की बधाई दी. समीक्षकों द्वारा प्रशंसित ”सलाम बॉम्बे”, ”मिसिसिपी मसाला”, ”मॉनसून वेडिंग” और ”द नेमसेक” जैसी फिल्मों की निर्देशक नायर ने ममदानी के चुनाव प्रचार अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया था.
ममदानी की जीत अमेरिका में दक्षिणपंथी अभियान को न्यूयॉर्क का जवाब है : विशेषज्ञ
न्यूयॉर्क शहर के मेयर चुनाव में जोहरान ममदानी की जीत का अर्थ है कि उन्होंने उठाए गए मुद्दों के माध्यम से लोगों को अपने साथ जोड़ा है, और एक तरह से यह जीत अमेरिका में दक्षिणपंथी आंदोलनों के लिए शहर का ”जवाब” है. दो भारतीय राजनयिकों ने यह बात कही.
उन्होंने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि ममदानी अपने प्रचार अभियान के दौरान किए गए महत्वाकांक्षी वादों को किस प्रकार पूरा करेंगे. भारत के पूर्व राजदूतों सहित अंतरराष्ट्रीय मामलों के कई विशेषज्ञों ने इसे ”ऐतिहासिक जीत” करार दिया. वरिष्ठ राजनयिक वेणु राजामणि ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ममदानी की जीत ”एक तरह से, न्यूयॉर्क शहर का अमेरिका में पनप रहे दक्षिणपंथी आंदोलनों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनाई जा रही नीतियों को जवाब है.” उन्होंने कहा कि ट्रंप ने खुले तौर पर कुओमो का समर्थन किया, लेकिन लोगों ने फिर भी ममदानी को वोट दिया.
पूर्व राजदूत ने कहा, ”समान रूप से महत्वपूर्ण वह समाजवादी एजेंडा है, जिसे उन्होंने (ममदानी) आगे बढ़ाया है, जिसमें मुफ्त परिवहन और गरीबों के लिए आवास शामिल हैं.” एक अन्य वरिष्ठ राजनयिक अशोक कंठ ने कहा कि अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी ”डोनाल्ड ट्रंप से निपटने के लिए सही रणनीति नहीं बना पाई है. इसलिए ममदानी एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने न्यूयॉर्क के लोगों के लिए ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया है, जिसमें सामर्थ्य का सवाल शामिल है, क्योंकि घर और किराने का सामान खरीदने के मामले में सब कुछ उनकी पहुंच से बाहर हो गया है.” चीन में भारत के राजदूत रहे कंठ ने कहा कि ममदानी ने लोगों की दिक्कतों को समझा और इसी मुद्दे को भुनाया.



