‘सीएम मोहन यादव भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड, इस्तीफा दें’, कांग्रेस के तेवरों से क्या बढ़ेगा टकराव?

नई दिल्ली: कांग्रेस ने सोमवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया और दावा किया कि व्यक्तिगत फायदे के लिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि जवाबदेही तय करने के लिए वह मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग जारी रखेगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा पोस्ट में लिखा, ‘इसमें कोई शक नहीं है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, व्यक्तिगत फायदे के लिए किए गए इस बड़े भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड हैं।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री मोहन यादव को जवाबदेह ठहराने के लिए उनके इस्तीफे की मांग जारी रखेगी, क्योंकि यही एकमात्र तरीका है जिससे उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकती है। जयराम रमेश की यह टिप्पणी मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की उस पोस्ट के बाद आई, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया था।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया अल्टीमेटम
पटवारी ने एक्स पर लिखा, ‘मुख्यमंत्री जी, समय तेजी से बीत रहा है, लेकिन आपकी चुप्पी अब भी बरकरार है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आपको जनता के सवालों का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया था। दूसरा दिन भी बीत चुका है, लेकिन पूरे प्रदेश की निगाहें अब भी आप पर टिकी हुई हैं।’

पटवारी ने कहा, ‘मंत्री बोल चुके हैं, संगठन अपनी बात रख चुका है और आधिकारिक स्पष्टीकरण भी जारी हो चुके हैं, लेकिन जनता जानना चाहती है कि मुख्यमंत्री खुद कब बोलेंगे?’

उन्होंने कहा, ‘अगर सब कुछ तथ्यों पर आधारित है तो जनता के सामने आइए। अगर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट गलत है तो अदालत जाइए। अगर आरोप निराधार हैं तो जनता के सामने सबूत पेश कीजिए।’ पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र में चुप्पी कभी भी जवाब नहीं हो सकती।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘अब केवल एक दिन बाकी है। मध्य प्रदेश की जनता आपके जवाब का इंतजार कर रही है। अगर तब भी आपकी चुप्पी नहीं टूटी तो कांग्रेस 30 जून को ‘भ्रष्टाचार सभा’ आयोजित करेगी और जनता के साथ ‘जवाब दो’ अभियान शुरू करेगी। सवाल पूछना जनता का अधिकार है। अब फैसला आपका है।’

सीएम मोहन यादव पर क्या लगे हैं आरोप?
पिछले सप्ताह इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दिसंबर 2023 से दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में कम से कम 168 एकड़ में फैले 137 भूखंड करीब 45 करोड़ रुपये में खरीदे। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से अधिकांश जमीनें उन इलाकों में हैं, जहां राज्य सरकार ने सड़क परियोजनाओं और भूमि उपयोग में बदलाव की घोषणा की थी।

सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच की मांग
कांग्रेस ने सीएम मोहन यादव पर लगे आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। साथ ही इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।

भाजपा ने खरगे को घेरा
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर राज्य के विभिन्न हिस्सों में जमीन पर कब्जा किया है। भाजपा ने सवाल किया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं?

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