
मुंबई: महाराष्ट्र के भिवंडी में कुछ लोगों के पास से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते सवाल मिलने की घटना पर विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह इस बात का संकेत है कि ‘प्रश्न पत्र’ लीक अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं बल्कि प्रदेश सरकार की पहचान बन गई हैं।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को कहा, “खबरों के अनुसार कल (रविवार को) होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रश्नपत्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ ंिशदे के गढ़ ठाणे में लीक हुआ है।” उन्होंने सवाल किया, “लाखों अर्भ्यिथयों की मेहनत, सपनों और भविष्य को बर्बाद करने वाले इस गिरोह को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है?” सपकाल ने आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र लीक अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं रह गई बल्कि ‘इस विफल सरकार की पहचान’ बन चुकी हैं।
कांग्रेस नेता ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सपकाल ने कहा, “महाराष्ट्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कांग्रेस जल्द ही आंदोलन शुरू करेगी।”
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने टीईटी के कथित प्रश्न पत्र लीक को ‘लाखों विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य की चोरी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि भर्ती व पात्रता परीक्षाओं में बार-बार हो रही प्रश्न पत्र लीक की घटनाएं ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाने में सरकार की विफलता को दर्शाती हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि कथित प्रश्न पत्र लीक के पीछे शामिल लोगों को कहीं राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं मिल रहा है। वडेट्टीवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सरकार से प्रश्न पत्र लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की मांग की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी -शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) के प्रवक्ता अमोल मतेले ने कहा कि अगर शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, तो फिर कोई भी परीक्षा सुरक्षित नहीं रह गई है।
उन्होंने आरोप लगाया, “इससे पहले सीबीएसई, नीट-यूजी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। इस सरकार ने राजनीतिक दलों को तोड़ा और सांसदों को अपने पाले में किया। अब ऐसा लगता है कि यह सरकार लीक और विश्वासघात के लिए भी जानी जाने लगी है।” अमोल ने कथित प्रश्न पत्र लीक के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को स्थगित किए जाने को ‘बेहद गंभीर मामला’ करार दिया।



