बांग्लादेश में 5.7 तीव्रता का भूकंप, छह लोगों की मौत

ढाका. बांग्लादेश में शुक्रवार को आए 5.7 तीव्रता के भूकंप के कारण कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के झटके राजधानी ढाका और कुछ अन्य हिस्सों में महसूस किए गए तथा इस दौरान कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और कुछ जगहों पर आग लग गई, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई.

अधिकारियों ने बताया कि ढाका में तीन लोगों, जबकि नारायणगंज में एक व्यक्ति की मौत की सूचना है. वहीं, दो अन्य मौतें नरसिंगडी में हुईं, जहां भूकंप का केंद्र सतह से लगभग 10 किलोमीटर नीचे स्थित था. स्थानीय मीडिया ने भूकंप के कारण देशभर में कम से कम 50 लोगों के घायल होने की खबर दी है.

बांग्लादेश के मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार पूर्वाह्न 10 बजकर 38 मिनट पर आया और इसका केंद्र ढाका के उत्तर-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित नरसिंगडी में 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. यह स्थान ढाका के अगरगांव क्षेत्र में भूकंपीय केंद्र से लगभग 13 किलोमीटर पूर्व में है.

ढाका के पुलिस उपायुक्त मलिक अहसान उद्दीन सामी ने अग्निशमन सेवा के हवाले से बताया कि पुराने ढाका के अरमानीटोला इलाके में पांच मंजिला इमारत की रेलिंग, बांस की मचान और मलबा गिरने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया.

सामी ने पुष्टि की कि मृतकों में एक मेडिकल छात्र शामिल है, जो मांस खरीदने के लिए अपनी मां के साथ वहां गया था. उन्होंने बताया कि मेडिकल छात्र की मां गंभीर रूप से घायल हो गई और उसकी तत्काल सर्जरी करनी पड़ी. स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, ढाका में जान गंवाने वाले तीन लोगों में आठ साल का एक बच्चा शामिल है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो सकी है.

अधिकारियों के मुताबिक, चौथी मौत नारायणगंज में हुई, जहां एक नवजात बच्ची ने उस समय मलबे की चपेट में आकर दम तोड़ दिया, जब उसकी मां उसे गोद में लेकर एक दीवार के पास से गुजर रही थी, जो भूकंप के कारण ढह गई. अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के बाद पुराने ढाका में स्थित सुतरापुर के स्वामीबाग इलाके में स्थित आठ-मंजिला एक इमारत के पास की दूसरी इमारत पर झुक जाने की खबर मिली, जबकि कालाबागान क्षेत्र में सात-मंजिला एक इमारत झुकी हुई दिखाई दी. हालांकि, अग्निशमन अधिकारियों ने बताया कि यह इमारत संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है.

ढाका के आलीशान बरिधारा इलाके में भूकंप के झटके के तुरंत बाद एक घर में आग लग गई, लेकिन दमकल कर्मी यह पुष्टि नहीं कर सके कि इसका संबंध भूकंप से था या नहीं. ढाका से सटे मुंशीगंज के गजारिया इलाके में भी एक आवासीय इमारत में आग लगने की खबर मिली, जहां दमकलर्किमयों ने तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाया.

‘प्रथम आलो’ अखबार के अनुसार, भूकंप के कारण ढाका के आसपास के तीन जिलों में 50 से अधिक लोग घायल हो गए. विशेषज्ञों का कहना है कि बांग्लादेश में बड़े भूकंप का खतरा लंबे समय से बना हुआ है, क्योंकि वह सक्रिय टेक्टोनिक प्लेट सीमाओं पर स्थित है.
बांग्लादेश इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीयूईटी) के भूकंप विशेषज्ञ प्रोफेसर मेहेदी अहमद अंसारी ने कहा कि छह तीव्रता वाला भूकंप देश में अधिकांश संरचनाओं को ध्वस्त कर सकता है. उन्होंने कहा, “शुक्रवार को आया भूकंप बांग्लादेश के लिए खतरे की घंटी है.”

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