पहचान बदलकर रह रहा बांग्लादेशी युवक और उसकी पत्नी के रूप में रह रही भारतीय महिला गिरफ्तार

देहरादून. फर्जी दस्तावेजों के जरिए पहचान बदलकर अवैध रूप से देहरादून में रह रहे एक बांग्लादेशी युवक तथा उसके साथ उसकी पत्नी के रूप में रह रही एक भारतीय महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है . देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि सचिन चौहान की फर्जी पहचान से यहां के एक क्लब में बाउंसर का काम कर रहे बांग्लादेशी नागरिक ममून हसन (28) के जाली आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्र, उसके साथ पत्नी बनकर रह रही रीना चौहान ने अपने परिचितों की मदद से बनवाए थे.

रीना देहरादून जिले के त्यूणी क्षेत्र की रहने वाली है और वह हसन के संपर्क में फेसबुक के माध्यम से आयी थी. एसएसपी ने बताया कि नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में एक संदिग्ध पुरुष और उसके साथ रहने वाली एक महिला के बारे में बृहस्पतिवार को पुलिस को सूचना मिली जिसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. उन्होंने बताया कि पूछताछ में व्यक्ति ने अपना असली नाम बांग्लादेश के मेहरपुर जिले का रहने वाला ममून हसन बताया.

उन्होंने बताया कि सख्ती से पूछताछ में महिला रीना ने बताया कि वह फिलहाल हसन के साथ अलकनंदा इन्क्लेव कॉलोनी में किराये पर रह रही है और उसी ने उसके भारत के नागरिक होने के फर्जी प्रमाणपत्र अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर बनवाए थे.
सिंह ने बताया कि षड्यंत्र कर फर्जी पहचान पत्र बनवाकर अवैध रूप से भारत में निवास करने पर हसन तथा रीना के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 420/467/468/471/120 बी तथा पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम 1920 की धारा तीन व विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है.

उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के कब्जे से फर्जी प्रमाण पत्र, पहचान पत्र व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये गये. एसएसपी ने बताया कि फर्जी पहचान पत्र बनवाने में आरोपियों की सहायता करने वालों का पता लगाया जा रहा है जिसके बाद उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी .

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनकी पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी जिसके बाद हसन 2019 में रीना से मिलने पर्यटक वीजा पर बांग्लादेश से भारत आया तथा दो महीने देहरादून में साथ रहने के बाद वापस चला गया. इसके बाद दो बार फिर 2021 और 2022 में वह पर्यटक वीजा पर भारत आया. इसके बाद 2022 में वह अवैध रूप से सीमा पार करवाकर रीना को बांग्लादेश ले गया जहां दोनों ने कथित तौर पर निकाह कर लिया. इसके बाद वे फिर अवैध रूप से सीमा पार करके वापस भारत आ गए और देहरादून के अलग-अलग स्थानों पर पति-पत्नी के रूप में किराए पर रहे.

रीना ने बताया कि पहले उसका विवाह त्यूणी के ही रहने वाले सचिन चौहान से हुआ था लेकिन वे दोनों अलग हो गए . उसने बताया कि बाद में उसकी फेसबुक पर हसन से मुलाकात हुई. रीना ने बताया कि जब वह बांग्लादेश में उसके साथ निकाह करने के बाद भारत वापस आयी तो उसने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम से हसन के फर्जी पहचान पत्र बनवा दिए . इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे. रीना ने बताया कि हसन, सचिन के नाम व पहचान पत्र पर यहां के एक क्लब में बाउंसर का काम करने लगा.

एसएसपी ने बताया कि प्रदेश में पहचान बदलकर रहने वाले लोगों को बेनकाब करने के लिए चलाये जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत अवैध रूप से देहरादून जिले में निवास कर रहे 16 बांग्लादेशी नागरिको के विरुद्ध अब तक कार्रवाई की गयी है . उन्होंने बताया कि इनमें से नौ बांग्लादेशियों को देश से निर्वासित किया जा चुका है जबकि सात अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button