यात्रियों को ‘मानसिक उत्पीड़न’ का सामना करना पड़ा, जवाबदेही तय की जाएगी : इंडिगो संकट पर मोहोल

पुणे. केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने रविवार को कहा कि इंडिगो के मौजूदा परिचालन संकट के कारण यात्रियों को मानसिक प्रताड़ना और परेशानी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस संकट को लेकर जवाबदेही तय करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. इंडिगो ने मंगलवार से लेकर अब तक 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं और अन्य में देरी की है, इसके परिणामस्वरूप हजारों यात्री देश भर के कई हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं.

विमानन नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मौजूदा स्थिति के कारणों का पता लगाने और निवारण उपायों की सिफारिश करने के लिए चार सदस्यीय एक जांच समिति का गठन किया है. डीजीसीए ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. मोहोल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी यात्रियों को मानसिक कष्ट सहना पड़ा है और उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. इंडिगो की वजह से उन्हें मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ी. ’’ उन्होंने कहा कि चार सदस्यीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

मोहोल ने कहा, ‘‘ इंडिगो से जो जिम्मेदारियां निभाने की उम्मीद थी, वे पूरी नहीं हुईं और इसी वजह से यह मौजूदा स्थिति पैदा हुई. डीजीसीए ने एक जांच समिति गठित की है और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है. उसने इंडिगो को नोटिस भी जारी किया है. सभी विमानन कंपनियों पर टिकट बिक्री की सीमाएं लगा दी गई हैं.’’ मोहोल ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हो गईं, उन्हें पैसे वापस कर दिए जाएं.

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