नवभारत ब्यूरो
रायपुर. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस अब लंबित ई चालानों की वसूली के लिए कड़ाई करने जा रही है। राजधानी में ही साढ़े 7 लाख ई चालान लंबित हैं। कोर्ट में भी जनवरी के पहले के एक लाख से ज्यादा ई चालान लंबित बताए गए हैं।
ई चालान का भुगतान नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तथा प्रकरणों की संख्या लगातार बढ़ने की स्थिति को देखते हुए कोर्ट में अब ई चालानों के केस लेना ही बंद कर दिया है। मतलब राजधानी में हर दिन जारी हो रहे ३ हजार से से ज्यादा ई चालान समय पर भुगतान नहीं किए जाने की स्थिति में भी जनवरी के बाद कोर्ट में नहीं जा रहे हैं।
अलबत्ता लोक अदालतों में मामले निपटाने के प्रयास जरूर किए जाते हैं। ऐसे प्रकरणों की संख्या अब ट्रैफिक पुलिस के पास ही साढ़े 7 लाख से ज्यादा हो गई है। हालांकि लंबित चालान वाले वाहनों के आरटीओ से संबंधित काम पहले भी रोके जाते रहे हैं। ऐसे में व्यावसायिक वाहनों के चालान तो परमिट या फिटनेस नवीनीकरण से पहले जमा करा दिए जाते हैं लेकिन निजी उपयोग वाले दुपहिया लंबित ई चालान वाले प्रकरणों में 95 से 97 प्रतिशत मामले दोपहिया से संबंधित हैं।
दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश को देखते हुए रायपुर में भी चालान राशि का भुगतान नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ाई की तैयारी है। आने वाले दिनों में पाल्यूशन सर्टिफिकेट रोकने, बीमा नवीनीकरण नहीं करने और वाहन एजेंसियों में सर्विसिंग रोकने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। अधिक चालान वाले प्रकरणों में वाहनों की जब्ती भी कराई जा सकती है।
चार पहिया वाहन मालिकों द्वारा भी भुगतान में दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है।