Flydubai FZ1073 Attack: चाकू नहीं, कॉकपिट की कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हुआ हमला; घायल हालत में बचाई यात्रियों की जान

Author: www.navabharat.news
UPDATED: Sun, 04 Oct 2026 09:47 AM
Flydubai FZ1073 Attack: चाकू नहीं, कॉकपिट की कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हुआ हमला; घायल हालत में बचाई यात्रियों की जान

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Flydubai FZ1073 Attack: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुए हमले की जांच में एक अहम जानकारी सामने आई है। यूएई के अटॉर्नी जनरल हमाद सैफ अल शम्सी के अनुसार, सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन पर कॉकपिट में मौजूद इमरजेंसी कुल्हाड़ी से हमला किया था। यूएई अधिकारियों ने इस घटना को ‘आतंकवादी कृत्य’ के तौर पर बताया है।

जांच एजेंसियां अब हमले के पीछे के मकसद, संभावित योजना और किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका समेत कई पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

उड़ान के दौरान अचानक बिगड़े हालात

यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई। विमान में यात्रियों और क्रू सदस्यों समेत करीब 180 लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया।

हमले के बाद विमान की स्थिति बेहद गंभीर हो गई और विमान तेजी से नीचे आने लगा। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला।

बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया।

कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि हमले में कॉकपिट की इमरजेंसी कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया। विमान में ऐसी कुल्हाड़ी आपात स्थिति के लिए रखी जाती है। इसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर खिड़की या अन्य हिस्से को तोड़ने और आपातकालीन निकासी में किया जा सकता है।

इसी उपकरण को हमले में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी ने विमान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

क्या विमान को जानबूझकर गिराने की कोशिश थी?

जांच का एक प्रमुख सवाल यह भी है कि क्या सह-पायलट का उद्देश्य विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करना था। शुरुआती बयानों में इजरायली अधिकारियों ने ऐसी आशंका जताई थी। हालांकि हमले के पीछे वास्तविक मकसद और पूरी साजिश को लेकर जांच अभी जारी है।

यूएई अधिकारियों के अनुसार, घटना से जुड़े भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हमले की पहले से कोई योजना बनाई गई थी या इसमें किसी अन्य व्यक्ति का निर्देश अथवा सहयोग था।

सह-पायलट की पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में

जांच एजेंसियां सह-पायलट के पुराने रिकॉर्ड और विमानन करियर से जुड़ी जानकारी भी खंगाल रही हैं। इसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके पुराने रिकॉर्ड में कभी कोई सुरक्षा संबंधी चिंता सामने आई थी या नहीं।

साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि यदि पहले कोई सुरक्षा चेतावनी या चिंता मौजूद थी, तो संबंधित जानकारी फ्लाईदुबई तक किस तरह पहुंची और नियुक्ति के दौरान किस स्तर की जांच की गई थी।

हालांकि किसी व्यक्ति के पुराने संपर्क, विचारधारा या किसी सामग्री की मौजूदगी को अकेले हमले का मकसद नहीं माना जा सकता। इसके लिए जांच एजेंसियों को ठोस साक्ष्य की जरूरत होगी।

कथित सीरिया संपर्क और कट्टरपंथी विचारों की जांच

मामले में सह-पायलट के कथित सीरिया संपर्क और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने के दावे भी सामने आए हैं। हालांकि इन दावों की पुष्टि और उनका हमले से संबंध जांच का विषय है।

यूएई की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह हमला किसी पूर्व योजना, निर्देश या किसी व्यापक नेटवर्क से जुड़ा था।

कैप्टन स्मित मच्छार ने कैसे टाला बड़ा हादसा?

हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया। इस कदम से यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली।

इसके बाद दूसरे पायलटों ने विमान की कमान संभाली और उड़ान को सुरक्षित रूप से तबुक में उतारा गया। घटना के बाद कैप्टन का इलाज अस्पताल में किया गया।

उनकी भूमिका की कई स्तरों पर सराहना हुई है, क्योंकि गंभीर स्थिति में कॉकपिट का दरवाजा खोलने और विमान को सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया ने संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद की।

विमानन सुरक्षा पर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद पायलटों की सुरक्षा जांच और विमानन संस्थाओं के बीच सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सवाल उठ रहे हैं।

जांच में यह देखा जा रहा है कि किसी पायलट के पुराने रिकॉर्ड में सुरक्षा संबंधी चिंता सामने आने पर उसकी जानकारी संबंधित एयरलाइन और नियामक संस्थाओं तक किस तरह पहुंचती है। साथ ही फ्लाईदुबई में सह-पायलट की नियुक्ति और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है।

फिलहाल जांच जारी है और हमले के पीछे के मकसद, संभावित योजना तथा किसी अन्य व्यक्ति या संगठन की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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