केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब पहुंचे। उनका राज्य में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मिलने के लिए गुरदासपुर, संगरूर और मानसा का एक दिवसीय दौरा करने का कार्यक्रम है। शाह के पंजाब दौरे से पहले इन तीनों जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
शाह सबसे पहले गुरदासपुर जिले के बटाला स्थित मारी पनवां गांव पहुंचे जहां वह बिक्रमजीत ंिसह के परिवार से मुलाकात करेंगे। बिक्रमजीत की 15 अक्टूबर को कथित तौर पर अपने इलाके में मादक पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण हत्या कर दी गई थी।
हालांकि, पुलिस ने कहा था कि यह हत्या दो समूहों के बीच मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी।
बिक्रमजीत ंिसह के परिवार से मुलाकात के बाद शाह संगरूर जिले जाएंगे जहां वह दलित व्यक्ति गुलजार ंिसह के परिवार से मिलेंगे। गुलजार ंिसह ने सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी। उनके परिवार ने आरोप लगाया कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल ंिसह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछने के कारण उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया।
इसके बाद शाह मानसा जाएंगे जहां वह नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परंिवदर ंिसह झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। झोटा की पिछले सप्ताह एक मेडिकल स्टोर के मालिक ने हत्या कर दी थी। झोटा के पिता भीम ंिसह ने सोमवार को कहा था कि शाह से मुलाकात के दौरान वह अपने बेटे की हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग उठाएंगे।
वह दवा की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। उनकी 13 अक्टूबर को मानसा के एक व्यस्त बाजार में स्थित दवा दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दवा दुकान में एक बुजुर्ग को नशीले पदार्थ बेचे जाने को लेकर सवाल करने के बाद दुकान के मालिक अश्विनी कुमार ने झोटा पर गोली चला दी थी। कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया गया था।
घटना उस वक्त हुई जब झोटा फेसबुक पर लाइव थे। इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। पंजाब में अगले साल की शुरूआत में चुनाव होने हैं। शाह के दौरे से कुछ घंटे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है।