तिराना: यूरोप के कम से कम 9 देशों में इस वक्त प्रदर्शन चल रहे हैं जिनमें सबसे गंभीर हालत फ्रांस और अल्बानिया की है। फ्रांस में कुछ ही महीने में राष्ट्रपति चुनाव भी होने वाले हैं इसलिए वहां ‘तख्तापलट’ की संभावना कम है लेकिन अल्बानिया में 13 साल से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे एदी रामा के लिए रास्ता आसान नहीं है। विरोध प्रदर्शन की ये आग काफी ज्यादा धधक रही है और फिलहाल दो आशंकाएं हैं। 1- या तो एदी मारा की सरकार गिर जाए या 2- वो समय से बहुत पहले नये चुनाव की घोषणा कर दें।
अल्बानिया में विरोध प्रदर्शन के केन्द्र में ट्रंप परिवार
दरअसल यूरोपीय संसद के सदस्यों ने अल्बानिया पर आरोप लगाया है कि वह देश में ट्रंप से जुड़े एक प्रस्तावित लग्जरी रिसॉर्ट के काम को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ‘छल-कपट’ वाले तरीके अपना रहा है। इस परियोजना को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन अब काफी हिंसक हो गए हैं।
प्रधानमंत्री एदी रामा ने सड़कों पर उतरे युवाओं की ‘बात सुनने’ का वादा तो किया है लेकिन प्रदर्शनकारियों की समस्याओं को हल करने में नाकाम रहने पर उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। ये प्रदर्शनकारी लंबे समय से इस विवादित परियोजना का शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे। कई दशकों में पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिला है जहां इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र तिराना में दंगा-रोधी पुलिस से भिड़ गए हैं। इस दौरान सरकारी इमारतों, बैंकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगा दी गई, उन पर हमले किए गए और उनमें लूटपाट हुई।
अल्बानिया में प्रदर्शन और ट्रंप के दामाद का क्या कनेक्शन है?
दरअसल अल्बानियाई जनता में इस बात को लेकर भारी गुस्सा है कि प्रधानमंत्री एदी रामा की सरकार ने पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील तटीय इलाकों जैसे साजान द्वीप और ज़्वेर्नेक को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी एक निवेश फर्म को भारी-भरकम लग्जरी टूरिज्म प्रोजेक्ट बनाने के लिए सौंप दिया है।
- स्थानीय लोग इसे पर्यावरण के साथ खिलवाड़ और बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के रूप में देख रहे हैं। ‘फ्लेमिंगो’ इस क्षेत्र के संरक्षित पक्षी हैं इसी वजह से इस आंदोलन का नाम ‘फ्लेमिंगो रेवोल्यूशन’ पड़ा है।
- जेरेड कुशनर की एक निवेश फर्म अल्बानिया के दक्षिण-पश्चिमी एड्रियाटिक तट पर 1.4 बिलियन डॉलर से 4 बिलियन डॉलर का एक महा-लक्जरी टूरिज्म प्रोजेक्ट विकसित कर रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत दो मुख्य जगहों को निशाना बनाया गया है।
- साजान द्वीप- यह कभी कम्युनिस्ट काल का एक सैन्य अड्डा हुआ करता था जिसे पूरी तरह से एक बेहद आलीशान इको-रिसॉर्ट, विला और होटलों में बदलने की योजना है।
- ज़्वेर्नेक और नार्टा लैगून- इस तटीय क्षेत्र में हजारों कमरों वाला मेगा-लक्जरी विला नेटवर्क, यॉट क्लब और कैसीनो बनाने का खाका तैयार किया गया है।
- अल्बानियाई लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री एदी रामा की सरकार ने ट्रंप परिवार और कुशनर को खुश करने के लिए साल 2024 में पर्यावरण कानूनों को बदल दिया ताकि इस सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र को संरक्षण सूची से हटाकर निर्माण की मंजूरी दी जा सके।