दशहरे का वह जश्न भारतीय रेलवे के इतिहास की सबसे काली रातों में से एक में बदल गया।
19 अक्टूबर 2018 को पंजाब के अमृतसर में रेलवे ट्रैक के पास रावण दहन देखते समय हुए ट्रेन हादसे में कम से कम 59 लोगों की जान चली गई।
पंजाब के अमृतसर में जोड़ा फाटक (धोबी घाट) के पास रावण दहन देख रहे लोगों के ऊपर से तेज रफ्तार ट्रेन गुजरने से कम से कम 59 से 61 लोगों की मौत हुई थी और लगभग 90 से 200 लोग घायल हुए थे।
घटना की मुख्य बातें:
समय और स्थान: यह हादसा 19 अक्टूबर 2018 को शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास हुआ•
हादसा की वजह
दहन के दौरान आतिशबाजी और पटाखों के शोर से बचने के लिए भीड़ पीछे हटकर पास ही रेलवे ट्रैक पर आ गई थी। इसी दौरान जालंधर से अमृतसर आ रही डीएमयू (DMU) ट्रेन ने भीड़ को टक्कर मार दी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार दूसरी दिशा से आ रही अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस की चपेट में भी कुछ लोग आए।
सबसे पहले जालंधर-अमृतसर DMU ट्रेन भीड़ से टकराई। जब लोग बचने के लिए दूसरे ट्रैक की ओर भागे, तो अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस ने उन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया जो अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।
जो रात जश्न की होनी चाहिए थी, वह एक दिल दहला देने वाली त्रासदी बन गई, जिसने कई परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ दिया।
मुआवजा और जांच: पंजाब सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को सहायता देने की घोषणा की थी। राज्य में एक दिन का राजकीय शोक भी घोषित किया गया था।