
सिंगापुर/नयी दिल्ली. दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारत की पीवी सिंधू ने रविवार को यहां महिला एकल फाइनल में चीन की वैंग झी यी को तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में हराकर सिंगापुर ओपन बैडंिमटन सुपर 500 टूर्नामेंट का खिताब जीता. गलतियों से भरे इस मुकाबले में सिंधू ने महत्वपूर्ण लम्हों पर धैर्य बरकरार रखते हुए कड़े मुकाबले में एशियाई चैंपियनशिप की मौजूदा चैंपियन चीन की 22 साल की खिलाड़ी को 21-9 11-21 21-15 से हराया.
हैदराबाद की सिंधू ने इससे पहले वैंग के खिलाफ अपना एकमात्र मैच जीता था. उन्होंने इसी साल आल इंग्लैंड चैंपियनशिप में चीन की खिलाड़ी को हराया था. इस खिताबी जीत से सिंधू का आत्मविश्वास बढ़ेगा जो र्बिमंघम में 28 जुलाई से होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी.
सिंधू का मौजूदा सत्र का यह तीसरा खिताब है. उन्होंने सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय और स्विस ओपन के रूप में दो सुपर 300 टूर्नामेंट जीते. सिंधू ओलंपिक में रजत और कांस्य पदक के अलावा विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं.
टॉस ने मैच में अहम भूमिका निभाई क्योंकि हॉल में ड्रिफ्ट के कारण खिलाड़ियों को परेशानी हो रही थी. अंतिम गेम के दूसरे हाफ में वैंग बेहतर स्थिति में थी क्योंकि उन्हें ड्रिफ्ट के खिलाफ खेलने का मौका मिला.
सिंधू हालांकि गलतियों पर अंकुश लगाने के अलावा धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज करने में सफल रहीं. सिंधू ने पहले गेम में शुरुआती दो अंक गंवाए लेकिन इसके बाद उन्होंने ड्रिफ्ट की मदद से जोरदार वापसी की ओर लगातार 11 अंक के साथ ब्रेक तक 11-2 की बढ़त बना ली. भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद आसानी से पहला गेम जीत लिया.
दूसरा गेम सिंधू के लिए बुरे सपने की तरह रहा. इस बार वैंग कोर्ट में बेहतर स्थिति में थी और उन्होंने 11-3 की बढ़त बना ली. सिंधू 8-15 के स्कोर पर आसान अंक जुटाने में नाकाम रहीं जब वैंग कोर्ट पर गिरी हुई थी. वैंग ने जंप स्मैश के साथ 10 गेम प्वाइंट हासिल किए और दूसरे प्रयास में गेम जीत लिया.
तीसरे और निर्णायक गेम में कड़ी टक्कर देखने को मिली. सिंधू ने 5-5 के स्कोर के बाद शानदार खेल दिखाया. उन्होंने लंबी रैली जीती और ड्रॉप शॉट के साथ अंक जुटाया. उन्होंने क्रॉस कोर्ट स्मैश के साथ ब्रेक तक 11-6 की बढ़त बनाई. ब्रेक के बाद वैंग को फिर बेहतर हिस्से से खेलने का मौका मिला और उन्होंने सिंधू की गलतियों का फायदा उठाकर स्कोर 11-12 कर दिया. सिंधू ने धैर्य बरकरार रखते हुए 18-14 की बढ़त बनाई. सिंधू ने दमदार स्मैश के साथ पांच मैच प्वाइंट हासिल किए और फिर वैंग के शॉट बाहर मारने पर गेम, मैच और खिताब अपने नाम किया.
क्वार्टर फाइनल में लगातार हार का सामना करना निराशाजनक था: सिंधू
सिंगापुर ओपन का खिताब जीतने के बाद भारतीय बैडंिमटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने रविवार को यहां उम्मीद जतायी कि वह र्बिमंघम राष्ट्रमंडल खेलों सहित आगामी प्रतियोगिताओं में अपनी शानदार लय को जारी रखेंगी. सिंधू ने यहां फाइनल में चीन की एशियाई चैंपियनशिप स्वर्ण पदक विजेता वांग झी यी के खिलाफ मैच के महत्वपूर्ण क्षणों को अपने नाम करते हुए 21-9 11-21 21-15 से जीत हासिल की.
सिंधू ने जीत के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ पिछले कुछ टूर्नामेंटों में कड़े मुकाबले हुए थे और मेरे लिये क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में हारना थोड़ा परेशान करने वाला था. हर मैच हालांकि महत्वपूर्ण होता है और आखिरकार मैं इस बाधा को पार कर जीत दर्ज करने में सफल रही. ’’ भारत की इस शीर्ष खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ मैं बहुत खुश हूं क्योंकि लंबे समय के बाद यहां सिंगापुर आयी हूं और यहां जीतना मेरे लिए काफी मायने रखता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने आखिरकार उस बाधा को पार कर लिया है, मुझे अब जीत मिल गई है. मुझे उम्मीद है कि बाकी टूर्नामेंटों के लिए भी यही लय जारी रहेगी और मैं आगामी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करूंगी.’’ सिंधू के पास हालांकि इस जीत के जश्न को मनाने के लिए ज्यादा समय नहीं है क्योंकि उनका ध्यान अब 28 जुलाई से शुरू होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों पर है.
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास इस बीच सिर्फ एक सप्ताह का समय है और फिर राष्ट्रमंडल खेलों के लिए रवाना होना है. शायद मैं एक दिन निकाल कर परिवार के साथ समय बिता सकूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए यह लंबा दौरा रहा है, दो सप्ताह के अंदर इंडोनेशिया और मलेशिया में खेलने के बाद यहां सिंगापुर आना था. इसलिए घर वापस जा कर थोड़ा सा आराम करूंगी और फिर अभ्यास शुरू करूंगी. मैं निश्चित रूप से इस जीत का लुत्फ उठाउंगी, यह बहुत मायने रखता है.’’ सिंधू का मौजूदा सत्र का यह तीसरा खिताब है और अब उनका पूरा ध्यान राष्ट्रमंडल खेलों पर है. इन खेलों में सिंधू ने एकल में रजत और कांस्य के अलावा टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है. वह इस बार एकल में स्वर्ण पदक की दावेदारों में शामिल है.
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें पहले टीम स्पर्धा में भाग लेना है. इसमें शत प्रतिशत देना होगा. हमें इसमें एक टीम के तौर पर खेलना होगा और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा भी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे उम्मीद है कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी, यह आसान नहीं होगा क्योंकि वहां कुछ अच्छे खिलाड़ी होंगे. लेकिन हम अधिक से अधिक पदक की उम्मीद कर रहे हैं.’’
प्रधानमंत्री मोदी ने सिंगापुर ओपन जीतने पर सिंधू को बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पहली बार सिंगापुर ओपन का खिताब जीतने के लिए दिग्गज बैडंिमटन खिलाड़ी पीवी सिंधू को बधाई देते हुए कहा कि यह देश के लिए गौरवपूर्ण लम्हा है और उनकी जीत आगामी खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी. दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने रविवार को यहां कड़े मुकाबले में चीन की वैंग झी यी को कड़े मुकाबले में हराकर सिंगापुर ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट का खिताब जीता.
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैं पहली बार सिंगापुर ओपन का खिताब जीतने के लिए पीवी सिंधू को बधाई देता हूं. उन्होंने एक बार फिर अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा का परिचय दिया और सफलता हासिल की. यह देश के लिए गौरवपूर्ण लम्हा है और आगामी खिलाड़ियों को प्रेरणा भी देगा.’’



