नीरज ने पहली बार विश्व चैम्पियनशिप फाइनल के लिये क्वालीफाई किया, रोहित ने भी किया कमाल

यूजीन. ओलंपिक चैम्पियन भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने अपने पहले ही प्रयास में 88 . 39 मीटर का थ्रो फेंककर पहली बार विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप फाइनल के लिये क्वालीफाई कर लिया जबकि रोहित यादव ने भी फाइनल में पहुंचकर भारत के लिये नया इतिहास रच दिया .

पदक के प्रबल दावेदार 24 वर्षीय चोपड़ा ने ग्रुप ए क्वालीफिकेशन में शुरूआत की और 88 . 39 मीटर का थ्रो फेंका . यह उनके कैरियर का तीसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो था . वह गत चैम्पियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स के बाद दूसरे स्थान पर रहे . पीटर्स ने ग्रुप बी में 89 . 91 मीटर का थ्रो लगाया .

चोपड़ा ने कहा ,‘‘ यह अच्छी शुरूआत थी . मैं फाइनल में अपना शत प्रतिशत दूंगा . हर दिन अलग होता है . हमें नहीं पता कि किस दिन कौन कैसा थ्रो फेंकेगा .’’ उन्होंने का ,‘‘ मेरे रन अप में थोÞड़ी दिक्कत थी लेकिन थ्रो अच्छा रहा . बहुत सारे खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में हैं .’’ चोपड़ा का क्वालीफिकेशन राउंड कुछ मिनट ही चला क्योंकि स्वत: क्वालीफिकेशन मार्क पहले ही प्रयास में हासिल करने से उन्हें बाकी दो थ्रो फेंकने नहीं पड़े . हर प्रतियोगी को तीन मौके मिलते हैं .

रोहित ने ग्रुप बी में 80 . 42 मीटर का थ्रो फेंका . वह ग्रुप बी में छठे स्थान पर और कुल 11वें स्थान पर रहे . उनका दूसरा थ्रो फाउल रहा और आखिरी प्रयास में 77 . 32 मीटर का थ्रो ही फेंक सके . उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 82 . 54 मीटर है जो उन्होंने राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैम्पियनशिप में पिछले महीने हासिल किया था. तब उन्होंने रजत पदक जीता था . पदक का मुकाबला रविवार को सुबह सात बजकर पांच मिनट पर होगा .

दोनों क्वालीफिकेशन ग्रुप से 83 . 50 मीटर की बाधा पार करने वाले या शीर्ष 12 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे हैं . चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन 89 . 94 मीटर है . उन्होंने लंदन विश्व चैम्पियनशिप 2017 में खेला था लेकिन फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाये थे .
दोहा में 2019 विश्व चैम्पियनशिप में वह कोहनी के आपरेशन के कारण नहीं खेल सके थे . चोपड़ा ने इस सत्र में दो बार पीटर्स को हराया है जबकि पीटर्स डायमंड लीग में विजयी रहे थे . पीटर्स तीन बार 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंक चुके हैं .

अन्य स्पर्धाओं में एल्डोस पॉल विश्व चैम्पियनशिप त्रिकूद फाइनल में जगह बनाने वाले भारत के पहले एथलीट बन गए. उन्होंने 16 . 68 मीटर की कूद लगाई . वह ग्रुप ए क्वालीफिकेशन में छठे स्थान पर और कुल 12वें स्थान पर रहे . फाइनल रविवार को सुबह 6.50 से होगा. वीजा दिक्कतों के कारण यहां कुछ रोज पहले ही पहुंचे पॉल का सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 16 . 99 मीटर का है जो उन्होंने अप्रैल में फेडरेशन कप में किया था .

भारत के प्रवीण चित्रावल और अब्दुल्ला अबुबाकर फाइनल में जगह नहीं बना सके जिनका प्रयास क्रमश: 16 . 49 मीटर और 16 . 45 मीटर का था . चित्रावल ग्रुप ए में आठवें स्थान पर और कुल 17वें स्थान पर रहे जबकि अबुबाकर ग्रुप बी में 10वें और कुल 19वें स्थान पर रहे. जिन शीर्ष 12 एथलीटों ने 17 . 05 मीटर की दूरी पार की उन्हें फाइनल में जगह मिली है .

पुरुषों के भाला फेंक में चेक गणराज्य के तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता याकूब वालदिच फाइनल के लिए क्वालीफाई कर गए हैं. उन्होंने पहले प्रयास में ही 85.23 मीटर भाला फेंका. वह चोपड़ा के साथ ग्रुप ए में स्वत: क्वालीफाई करने वाले दूसरे और कुल चौथे खिलाड़ी रहे. चोपड़ा और याकूब के अलावा पीटर्स और जर्मनी के जूलियन विवर ने स्वत: क्वालीफाई किया. पाकिस्तान के अरशद नदीम ने भी ग्रुप बी में चौथे स्थान पर रहकर फाइनल्स के लिए क्वालीफाई किया.

यदि चोपड़ा रविवार को फाइनल में जीत दर्ज करते हैं तो वह ओलंपिक के बाद विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले दुनिया के तीसरे भाला फेंक खिलाड़ी बन जाएंगे. उनसे पहले नार्वे के आंद्रियास थोरकिलडसेन (2008-09) और चेक गणराज्य के विश्व रिकॉर्ड धारी यान जेलेनी ने 2001-02 और 1992-93 में यह कारनामा किया था.

चोपड़ा भारत के पहले ट्रैक एवं फील्ड एथलीट है जिन्होंने ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल किया. वह मौजूदा राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन और एशियाई खेलों के चैंपियन है. वह इस सत्र में बेहतरीन फॉर्म में है और उन्होंने दो बार अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा है.
उन्होंने सबसे पहले फिनलैंड में पावो नूरमी खेलों में 14 जून को 89.30 मीटर भाला फेंक कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और फिर स्टॉकहोम में 30 जून को प्रतिष्ठित डायमंड लीग में 89.94 मीटर भाला फेंक कर इस रिकॉर्ड को तोड़ा. इस बीच उन्होंने फिनलैंड में कुओर्टन खेलों में स्वर्ण पदक जीता.

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