
नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर सोमवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ‘सब्सिडी बंद करो, जनता को निचोड़ो’ की नीति पर चल रही है. उन्होंने केंद्र सरकार से यह आग्रह भी किया कि वैज्ञानिक उपकरणों पर जीएसटी में की गई बढ़ोतरी को वापस लिया जाए. राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा की ‘सब्सिडी बंद करो, जनता को निचोड़ो’ नीति.
मोदी सरकार ने एलपीजी सब्सिडी बंद करके 11,654 करोड़ रुपये बचाए, साल 2021-22 में सरकार ने सिर्फ 242 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी.’’ उनके अनुसार, ‘‘जब भाजपा सरकार ने लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील की, लाखों लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी, लेकिन तब उन्हें ये मालूम नहीं था कि आने वाले दिनों में सरकार सिलेंडर के दामों में भारी इज़ाफा करेगी. ये भाजपा सरकार की चाल थी. सिलेंडर के दाम जैसे-जैसे बढ़ते गए ग्राहकों ने सब्सिडी वापस मांगनी शुरू कर दी. आज एक सिलेंडर की कीमत 1053 रुपये है, जो आने वाले दिनों में शायद और भी बढ़ जाए.’’
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘महंगाई और बेरोज़गारी से पहले ही जनता निराशा के गर्त में डूब रही थी, अब रोज़मर्रा की खाने-पीने की चीज़ों पर जीएसटी लगा कर सरकार ने जनता की जेब से पैसा निकलवाने का नया साधन ढूंढ लिया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘2021-22 में 3.59 करोड़ लोगों ने महंगाई के चलते सिलेंडर ही नहीं भरवाया. अब गैस के नए कनेक्शन के लिए 2200 रुपये, रेग्युलेटर के लिए 250 रुपये, पासबुक के लिए 25 रुपये और पाइप के लिए 150 रुपये अलग से देने होंगे, ऊपर से सिलेंडर के आसमान छूते दाम.’’
राहुल गांधी ने सवाल किया, ‘‘मोदी सरकार को सवाल पूछना बिल्कुल पसंद नहीं है, लेकिन सवाल तो फिर भी पूछा जायेगा – ‘अच्छे दिन’, मगर किसके?’’ उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘वैज्ञानिक विकास किसी भी देश की प्रगति की बुनियाद होती है. वैज्ञानिक अनुसंधान पर भाजपा सरकार ने सिर्फ आवंटन में कमी की है, वह देश के अनुसंधान ढांचे के लिए चिंताजनक संकेत है.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अब सरकार ने वैज्ञानिक उपकरणों पर जीएसटी पांच से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है…इस वृद्धि को वापस लिया जाना चाहिए.’’
करनी थी किसानों की आय दोगुनी, कर दी गई ‘यातना दोगुनी’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिये बीमा कंपनियों को 40 हजार करोड़ रुपये का फायदा होने का दावा किया और आरोप लगाया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन उनकी ‘यातना’ दोगुनी कर दी गई।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री ‘किसान उत्पीड़न’ योजना: शहीद किसानों को मुआवजÞा नहीं, किसान आत्महत्या के आंकड़ें नहीं, ‘मित्रों’ के कजर्Þ माफÞ, किसानों के नहीं, ‘सही एमएसपी’ का झूठा वादा, फसल बीमा के नाम पर इंश्योरेंस कंपनियों को 40,000 करोड़ रुपये का फायदा।’’ राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘2022 तक करनी थी ‘आय दोगुनी’, कर दी ‘यातना दोगुनी’।’’



