
नयी दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थक शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्र हुए और उन्होंने स्वयंभू ंिहदुत्व ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भारद्वाज ने एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट करने का दावा किया था।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों में कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका के अलावा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल थे।
यह प्रदर्शन भारद्वाज के एक साक्षात्कार के व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद किया गया। इस साक्षात्कार के दौरान भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए कॉजपा के प्रदर्शन में शामिल निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी।
रांका ने आरोप लगाया कि पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उसकी एक समर्थक के पिता संजय के साथ मारपीट की गई, जिससे उनके सिर में चोट लगी। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की बार-बार मांग किए जाने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
रांका शुक्रवार को दास और पार्टी के अन्य समर्थकों के साथ पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में शामिल कुछ लोगों ने अब खुले तौर पर संजय के साथ मारपीट करने और उनकी जान लेने की कोशिश करने की बात स्वीकार की है लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस निष्क्रियता का कारण भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का प्रभाव है।
रांका ने कहा, ”हम मांग करते हैं कि दिल्ली पुलिस तुरंत उन लोगों को गिरफ्तार करे, जिन्होंने घटना में शामिल होने की बात खुद स्वीकार की है। वह उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करे और अन्य गंभीर धाराएं भी लगाए।” दास ने आरोप लगाया कि संजय उस नाबालिग के पिता हैं, जो शुरूआत से ही कॉजपा के नेतृत्व वाले प्रदर्शन से जुड़ी है और नियमित रूप से धरने में शामिल होती रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तभी एक “आपराधिक गिरोह” के सदस्य प्रदर्शन स्थल में घुस आए और उन्होंने ंिहसा शुरू कर दी। उन्होंने कहा, “प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी हम पुलिस पर दबाव बनाते रहे और हमने कहा कि यह हत्या का प्रयास था तथा इससे संबंधित धारा जोड़ी जानी चाहिए।” दास ने कहा कि इस घटना में जाति का पहलू भी था। उन्होंने कहा, ”हमने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की क्योंकि संजय का परिवार दलित समुदाय से है।” दास के अनुसार, जब प्रदर्शनकारियों ने आगे की कार्रवाई की मांग की तो पुलिस अधिकारियों ने उनसे अदालत का रुख करने और आदेश प्राप्त करने को कहा।
रांका ने कहा कि कॉजपा एवं उसकी पूरी टीम घटना की शुरूआत से ही संजय के साथ खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार मांग किए जाने के बावजूद पुलिस उचित कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने पुलिस की कथित निष्क्रियता को “देश और हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन” बताया और मारपीट में कथित तौर पर शामिल सभी लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कॉजपा का प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के साक्षात्कार की एक क्लिप इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद हुआ। भारद्वाज खुद को ‘कट्टर ंिहदू’ बताता है। क्लिप में वह प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता की ”खोपड़ी फोड़ने” की बात कहता हुआ दिखाई दे रहा है।
वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “…क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307 । उन्हें 60 टांके लगे थे। उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था।
उनकी बेटी थाने के बाहर खड़ी थी और कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी लेकिन मुझे जेल तक नहीं भेजा गया। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।” यूट्यूब पर उपलब्ध करीब एक घंटे के इस साक्षात्कार में भारद्वाज ने राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया।
उसने कहा, “मुझे हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। वे कहते हैं कि कपिल मिश्रा ने फोन किया और मुझे छोड़ दिया गया। चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानती हैं? क्या आप (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी को जानती हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं।
मुझे सभी का समर्थन प्राप्त है।” हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है कि संजय के सिर की हड्डी टूट गई थी। पुलिस ने कहा कि हाथापाई के दौरान उन्हें मामूली चोट लगी थी और उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, अतिरिक्त पुलिसर्किमयों को तैनात किया गया है और अवरोधक लगाए गए हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस कॉजपा के पदाधिकारियों के संपर्क में है।



