नयी दिल्ली. कांग्रेस ने सोमवार को खाकी निक्कर में आग लगी होने की एक तस्वीर ट्वीट की और कहा कि ‘देश को नफरत की बेड़ियों से मुक्त होना है’, जिस पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल हिंसा के लिए उकसा रहा है. उल्लेखनीय है कि खाकी निक्कर कुछ समय पहले तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक का ड्रेसकोड हुआ करता था. अब आरएसएस के स्वयंसेवक फुलपैंट पहनते हैं.
कांग्रेस ने खाकी निक्कर में आग लगे होने की तस्वीर साझा करने के साथ ही लिखा, ‘‘नफरत की बेड़ियों से देश को मुक्त कराना है और भाजपा-आरएसएस द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई करनी है. एक-एक कदम करके हम अपने लक्ष्य तक पहुंचेंगे.’’ उसने ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के लोगो का उपयोग किया और यात्रा के शेष दिनों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘‘145 दिन बाकी हैं.’’ कांग्रेस के इस ट्वीट को लेकर भाजपा ने उस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंसा के लिए उकसा रही है और उसकी यात्रा ‘भारत तोड़ो यात्रा’ है.
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने केरल में ‘आतंकवादियों’ को इशारा किया कि आरएसएस के पदाधिकारियों को निशाना बनाया जाए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह ट्वीट तत्काल हटाना चाहिए और भारत की संवैधानिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है. पात्रा ने दावा किया कि कांग्रेस का आग से बहुत पुराना नाता है तथा उसके सत्ता में रहने के दौरान पंजाब को आग में झोंक दिया गया और 1984 में सिखों को जिंदा जला दिया गया था.
पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता ने यात्रा के दौरान एक ऐसे विवादित पादरी से मुलाकात की, जिसने हिंदू देवी-देवताओं का कथित तौर पर अपमान किया था. कांग्रेस के ट्वीट पर आरएसएस ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. आरएसएस के सह कार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा कि कांग्रेस नफरत के जरिए लोगों को जोड़ना चाहती है. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी की पिछली पीढ़ियों के मन में भी संघ के लिए प्रति घृणा थी.
वैद्य ने रायपुर में आरएसएस के तीन दिवसीय समन्वय बैठक के समापन के बाद कहा, “वे (कांग्रेस) नफरत के जरिए लोगों को जोड़ना चाहते हैं. क्या आप नफरत के जरिए भारत को एकजुट कर सकते हैं? लंबे समय से उनके मन में हमारे लिए नफरत है. उनकी पिछली पीढ़ियों (बाप-दादा) ने भी आरएसएस को रोकने की कोशिश की, लेकिन हम बढ़ते रहे क्योंकि हमें लोगों का समर्थन प्राप्त था.” उधर, भाजपा के आरोप पर पलटवार करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जो लोग नफरत, कट्टरता और पूर्वाग्रह की ंिचगारी भड़काते हैं, उन्हें इसका सामना करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए.
पात्रा ने कहा, ‘‘ कांग्रेस सरेआम आगजनी और हत्या के लिए भड़का रही है. गांधी परिवार और कांग्रेस की तरफ से उकसाया गया है.’’ उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी अक्सर ‘आग’ की बात करते हैं और पिछले दिनों उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में आरोप लगाया था कि भाजपा ने पूरे देश में केरोसिन छिड़क दिया है और सिर्फ एक ंिचगारी से आग भड़क सकती है.
पात्रा के अनुसार, ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी ने इसी तरह टिप्पणी की थी. उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आप (राहुल) देश में हिंसा चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि जो लोग भाजपा-आरएसएस की विचारधारा का अनुसरण करते हैं, वे जल जाएं?’’ कांग्रेस नेता रमेश ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर भाजपा उसके खिलाफ आक्रामक होगी, तो वह ‘डबल आक्रामक’ हो जाएगी.
रमेश ने दावा किया कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को जनता से मिले समर्थन से भाजपा घबरा गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नफरत और कट्टरता की राजनीति करती है तथा लोगों को जाति, धर्म, भाषा औेर प्रांत के आधार पर बांटने का काम करती है. भाजपा ने तिरुवनंतपुरम में शहीदों के एक स्मारक के उद्घाटन से कथित तौर पर अनुपस्थित रहने को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उन कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, जहां ‘भारत विरोधी’ बातें होती हैं, लेकिन राष्ट्रवाद से जुड़े कार्यक्रमों से दूर रहते हैं.
उन्होंने कहा कि एक अंशकालिक नेता कभी भारत का ‘सच्चा सेवक’ नहीं हो सकता. दूसरी तरफ, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी को एक हिंदू धार्मिक स्थल से होते हुए स्मारक पहुंचना था, लेकिन रास्ते में बहुत ज्यादा भीड़ होने पर सुरक्षार्किमयों ने उन्हें जाने की अनुमति नहीं दी. सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी जल्द ही शहीदों के स्मारक जाएंगे.