
यह हमारा सौभाग्य है कि हमने कर्मनिष्ठ, संकल्पसिद्ध, धर्मप्राण, सह्रदयवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाया है। उनके होने में राष्ट्र का गौरव और प्रगति का होना है। वे ऐसे प्रकाशपुंज व्यक्ति हैं जिनसे प्रकाश पा कर हम सभी उज्जवलता को अनुभव करते हैं। वे संबल का हिमालय है जिनके संरक्षण में सीमाएं सुरक्षित हैं और हम प्रगति पथ के अनुगामी। हमने उनके नेतृत्व में दुर्दिनों का सामना किया है, हमने उनके नेतृत्व में प्रगति की गाथा लिखी है।
इस बार स्वतंत्रता दिवस पर कर्मसिद्ध प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को आत्मगौरव का भान करवाया तो अनुभव हुआ कि जैसे सुप्त स्रोत में यकायक ऊर्जा का संचार हुआ है। निराशा और अकुलाहट की जगह उत्साह और उमंग ने ली है। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ के सिद्धांत को मानने वाले इस देश में प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रों जैसे शब्द एक प्रण को प्रतिष्ठित कर रहे थे। वे शब्द राष्ट्र को इस शुभ संकल्प के लिए तैयार कर रहे थे कि अमृतकाल में हमें अपने प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वप्न और शब्दों को साकार करना है।
हमें आत्मगौरव का भान करवाने वाले राष्ट्र गौरव प्रधानमंत्री सम्मानीय नरेंद्र मोदी जी का आज जन्मदिन हैं। इस महत्वपूर्ण दिन मुझे उनके समूचे कृतित्व को देख कर गणेश शंकर विद्यार्थी जी की पंक्ति याद आती है:
“जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है
वह नर नहीं, नर पशु निरा है, और मृतक समान है।”
याद कीजिए लाल किले की प्राचीर पर लहराता हमारा ध्वज और उसकी आभा में कर्मपथ की घोषणा करते हुए हमारे कीर्तिवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, ‘आज जब हम अमृत काल में प्रवेश कर रहे हैं, अगले 25 साल हमारे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आजादी का 75वां स्वतंत्रता दिवस एक ऐतिहासिक दिन है और यह पुण्य पड़ाव, एक नई राह, एक नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर है।’
अपने देश की विरासत के प्रति हमें सजग और गौरवाभिमानी बनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी जी इस हमें अपने राष्ट्र का गौरव करवाने वाले वे शिल्पी हैं जिनके स्वप्दृष्टा नेतृत्व में हम राष्ट्र निर्माण पथ पर चल पढ़े हैं। अभिनव विकास शिल्पी प्रधानमंत्री मोदी जी ने जय जवान-जय किसान नारे के साथ जय अनुसंधान को जोड़ कर उज्जवल भारत निर्माण योजना की रूपरेखा प्रस्तुत कर दी है। जब वे कहते हैं कि जय जवान, जय किसान का लाल बहादुर शास्त्री जी का मंत्र आज भी देश के लिए प्रेरणा है। अटल जी ने जय विज्ञान कह कर उसमें एक कड़ी जोड़ दी थी लेकिन अब अमृत काल के लिए एक और अनिवार्यता है, वो है जय अनुसंधान। जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान। तो हमें लगता है कि अपने बौद्धिक सामर्थ्य से समूची दुनिया का गुरु कहलाने वाला भारत अपनी अनुसंधान क्षमता में निखार ला कर पुन: शीर्ष पर स्थापित हो सकता है।
कोरोना काल से उपजे अंधेरे के बीच देशवासियों में यदि आत्मविश्वास का दिनकर उदित हुआ है तो यह अकल्पनीय सच हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के कारण संभव हो पाया है। उनके रूप में हमने ऐसा कर्मठ और सिद्ध नेता पाया है जो दिन-रात देश की उन्नति के स्वप्न देखता है और उन स्वप्नों को पूर्ण करने के लिए समूची चेतना और ऊर्जा को एकाग्र कर यत्न में जुट जाता है।
याद कीजिए लाल किले की प्राचीर से कहे गए प्रधानमंत्री मोदी जी के शब्द। उन्होंने कहा था, जब हमारा ब्रह्मोस दुनिया में जाता है तो कौन हिंदुस्तानी नहीं होगा, जिसका मन आसमान को न छूता हो। हमारी वंदे भारत ट्रेन विश्व के लिए आकर्षण है। हमें आत्मनिर्भर बनना है। हम कब तक एनर्जी सेक्टर में किसी और पर निर्भर रहेंगे। सोलर का क्षेत्र, विंड एनर्जी का क्षेत्र, मिशन हाइड्रोजन, बायो फ्यूल की कोशिश, इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जाने की बात हो, हम आत्मनिर्भर बनकर इन व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना होगा। प्राकृतिक खेती भी आत्मनिर्भरता का मार्ग है। नैनो फर्टिलाइजर का कारखाने नई आशा लेकर आए हैं। आज ग्रीन जॉब के क्षेत्र तेजी से खुल रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर से भी आह्वान करता हूं कि हमें विश्व में छा जाना है।
एक मनीषी राजनेता का यह आह्वान हममें उत्साह का संचार करता है। हमें प्रेरित करता है कि हम देश के नव निर्माण कार्य में पूर्ण सामर्थ्य से जुट जाएं। प्रधानमंत्री मोदी जी का दृष्टिकोण और सोच कितनी स्पष्ट है कि वे धरोहर से विश्वास लेते हैं और वर्तमान की क्षमता पर विश्वास रख भविष्य का उज्जवल रूप गढ़ते हैं। न वे अतीतजीवी हैं और न केवल भविष्य के कोरे स्वप्न बुनने वाले नेता। यदि वे कोई स्वप्न देखते हैं तो उसे पूर्ण करने का मार्ग और साधन भी प्रस्तुत करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के शब्दों का सामर्थ्य यह कि शक्तिहीन भी सकारात्मक ऊर्जा से भर जाए। दृष्टिहीन भी दूरदर्शिता पाए जाए। आजानबाहु नेता प्रधानमंत्री मोदी जी ने सारी दुनिया को भारत की शक्ति, सामर्थ्य और क्षमता का अनुभव करवाया है। कह सकता हूं कि उनकी कर्मठता ने देश की साख बढ़ाई है। मुझे गर्व होता है अपने नेता प्रधानमंत्री मोदी जी पर कि वे आधुनिक युग में विकास का खाका तैयार करते समय यदि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की ओर उम्मीद से देखते हैं तो किसान और कृषि के महत्व को विस्मृत नहीं करते हैं। वे गांव, गरीब, किसान को कभी भूलते ही नहीं हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि गरीबों की ताकत बढ़ेगी तो देश की ताकत बढ़ेगी, गांवों में विकास होगा तो देश में विकास होगा व किसानों के घर समृद्धि आएगी तो भारत माता समृद्ध होगी।
ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भविष्य के लिए आज इतने उर्जावान प्रतीत होते हैं। उनकी ऊर्जा और सकारात्मकता का दर्शन तो तब से होता है जब उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात का नेतृत्व किया था। मोदी जी के मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात ने भूकंप की भीषण आपदा का सामना किया। गुजरात में पहले बिजली, पेयजल, सिंचाई व सड़कों का अभाव था, इनके साथ ही राज्य सांप्रदायिक कलह का भी केंद्र था। गोधरा कांड तो हुआ लेकिन उसके बाद मोदीजी ने जिस प्रकार से राज्य की कानून-व्यवस्था को संभाला तो उसके बाद से गुजरात में आज तक दंगा नहीं हुआ। मोदी जी ने गुजरात में नर्मदा का पानी लाकर राज्य में पेयजल व सिंचाई के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता कराई।
उनके प्रधानमंत्रित्व काल में देश ने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को भोगा। लेकिन हर कठिन समय उनकी दूरदृष्टि, कठोर परिश्रम व प्रबंधन की सुलझी नीतियों के कारण व्यतीत हो गया। उनके नेतृत्व की विशिष्टता यह कि जितनी हानि का आकलन किया गया था उससे कम हानि में इन आपदाओं से पार पा लिया गया।
मोदी जी द्वारा वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद गुजरात का अनुभव काम आया। काम करने की जिजीविषा, निर्णय करने की दृढ़ता, चरित्र में ईमानदारी, देश को आगे बढ़ाने की ललक उनके मन में है, इसी के परिणामस्वरूप आज देश में गरीबी उन्मूलन, गैर बराबरी की समाप्ति, महिलाओं का सशक्तिकरण, रोजगार के अवसरों का सृजन हो रहा है और अर्थव्यवस्था को स्थायित्व मिल रहा है, औद्योगिकीकरण बढ़ रहा है, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया व स्किल इंडिया पर काम हो रहा है। देश की बुनियाद को मजबूत करने का जैसा काम मोदीजी के प्रधानमंत्री पद के कार्यकाल के बीते 8 साल में हुआ, वैसा देश में 50 साल में भी नहीं हुआ।
हर वर्ग के प्रति चिंतित और प्रयत्नशील रहने वाले प्रधानमंत्री मोदी जी किसानों के प्रति कितना चिंतित रहते हैं, इसका उदाहरण इसी बात से मिल जाता है कि वे देश में प्रोसेसिंग यूनिट व उत्पादों का निर्यात बढ़ने की योजनाओं के निर्माण और इस दिशा में प्रगति की जानकारी लगातार लेते रहते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आम किसानों के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध हुई है तो कश्मीर में केसर पार्क के विकास के कारण केसर के दाम एक लाख से बढ़कर दो लाख रुपए हो गए हैं।
हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने सिर्फ कहा ही नहीं, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए पर्याप्त कार्य भी किए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत देशभर में साढ़े 11 करोड़ किसानों को दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बैंक खातों में दी। एमएसपी को डेढ़ गुना किया गया, वहीं दलहन-तिलहन की खरीद करना भी मोदी सरकार ने प्रारंभ किया। खेती के क्षेत्र में निवेश के द्वार खोलते हुए एक लाख करोड़ रुपए के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरूआत की गई, वहीं कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए और भी 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रावधान किया गया। छोटे किसानों की भलाई के लिए 6,850 करोड़ रुपए के खर्च से 10 हजार नए एफपीओ बनाने का काम प्रारंभ किया गया, जिनमें से तीन हजार से अधिक बन चुके हैं। खाद्य तेलों की कमी पूरी करने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए का ऑयल पाम मिशन शुरू किया गया, यह प्रधानमंत्री मोदी जी की बहुआयामी सोच का ही परिणाम है। मोदी जी का प्रयत्न है कि राज्य सरकारों के माध्यम से कृषि को लगातार बढ़ावा दें व कृषि उन्नत कृषि के रूप में बदले व गांव-गरीब-किसान की ताकत बढ़े।
आज प्रधानमंत्री मोदी जी के जन्मदिन पर यह उल्लेख करना सामयिक होगा कि उनका नेतृत्व देश के सौभाग्य का विषय है। उनके शासनकाल में राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर, सेना, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना निर्माण, रोजगार के अवसर सृजित करने के प्रयास, औद्योगिक विकास जैसे कार्य संभव हुए। जिसके कारण पूरी दुनिया में भारत का यशोगान हो रहा है। देश में उनके नेतृत्व में न सिर्फ कठिनाइयों का समाधान हुआ बल्कि प्रगति की नई गाथा लिखी जा रही है।
जन्मदिन के अवसर पर यशस्वी, प्रेरणादायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए अनेक शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। ईश्वर उनको सेवा से सिद्धि यात्रा में भरपूर आशीर्वाद प्रदान करें।
– नरेंद्र सिंह तोमर (केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री)



