सरकार ‘भारत जोड़ो यात्रा’ रोकने के बहाने ढूंढ रही: राहुल गांधी

नूंह. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को रोकने के लिए ‘बहाने’ ढूंढ रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने चीन समेत कुछ देशों में कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे अपील की थी कि यदि कोविड नियमों का पालन नहीं किया जा सकता, तो वह ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को निलंबित करने पर विचार करें.

कन्याकुमारी से सात सितंबर को शुरू हुई यात्रा अब तक तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान से गुजर चुकी है. गांधी ने हरियाणा के नूंह जिले के घासेड़ा गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह यात्रा कश्मीर जाएगी. अब वे एक नया तरीका लेकर आए हैं. उन्होंने मुझे पत्र लिखा कि कोविड फैल रहा है, यात्रा रोक दो.’’ गांधी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने राजस्थान चरण के बाद बुधवार को नूंह से हरियाणा में प्रवेश किया था.

उन्होंने कहा, ‘‘अब वे यात्रा रोकने का बहाना बना रहे हैं. मास्क लगाओ, यात्रा रोको, कोविड फैल रहा है, ये सब बहाने हैं.’’ मांडविया ने मंगलवार को राहुल गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कहा था कि यदि कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा सकता है तो यात्रा को स्थगित करने पर विचार करें.

केंद्र और हरियाणा में सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए गांधी ने कहा कि वह सच्चाई से डरती है.
उन्होंने कहा, ‘‘ंिहदुस्तान की शक्ति से, ंिहदुस्तान की सच्चाई से, ये लोग डर गए हैं, ये सच्चाई है.’’ गांधी ने कहा कि ‘‘हम आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) और (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी के नफरत भरे भारत को नहीं चाहते हैं.’’ उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार संसद में (विपक्ष) कांग्रेस की आवाज को दबाने की भी कोशिश कर रही है और इस कारण से भी यह यात्रा निकाली गई है.

गांधी ने कहा, ‘‘अगर हम संसद में बोलना चाहते हैं या राफेल विमान मामला, नोटबंदी, जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) या देश में फैल रही नफरत के बारे में कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं, तो क्या आप जानते हैं कि क्या होता है? माइक बंद कर दिया जाता है… बोलते रहो, (लेकिन) कोई नहीं सुनेगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘टीवी कैमरे की दिशा बदल दी गई है और (लोकसभा) अध्यक्ष का चेहरा दिखाई दे रहा है और संसद में माइक बंद है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें यह यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकालनी पड़ी.’’ उन्होंने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 100 से अधिक दिनों से जारी है और इसमें ंिहदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सहित सभी धर्मों के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया है.

उन्होंने कहा कि इसमें लाखों लोगों ने हिस्सा लिया, लेकिन किसी ने किसी से यह तक नहीं पूछा कि उनका धर्म क्या है, वे कौन सी भाषा बोलते हैं या कौन सी जगह से आए हैं. गांधी ने कहा कि इस यात्रा में 24 घंटे लोगों ने एक दूसरे का सम्मान किया और एक दूसरे को गले लगाया और प्यार फैलाया. उन्होंने कहा कि बुधवार को कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष यात्रा के दौरान चलते समय गिर पड़े और सात-आठ लोगों ने एक सेकेंड में उन्हें उठा लिया.

गांधी ने कहा, ‘‘किसी ने उनके धर्म या जाति के बारे में नहीं पूछा. आप एक भारतीय हैं और आपको उठा लिया जाएगा. हम आपको गिरने नहीं देंगे. हमें ऐसी सरकार चाहिए जो हर भारतीय की रक्षा करे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब किसान पर संकट आता है तो पूरा भारत उसकी रक्षा करता है, जब मजदूर किसी समस्या में होता है तो पूरा देश उसकी मदद करता है. हमें ऐसा भारत चाहिए… हमें आरएसएस, नरेन्द्र मोदी का नफरत भरा भारत नहीं चाहिए. कोई इसे नहीं चाहता है.’’

गांधी ने दोहराया कि वह ‘‘नफरत के बाजार में प्यार की दुकान खोल रहे हैं.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैंने आपको यही संदेश दिया है. ऐसा मत सोचो कि यह दुकान केवल राहुल गांधी ही खोल रहे हैं. मैं आपसे कह रहा हूं, आप सभी, हर युवा, हर किसान, मजदूर, छोटा दुकानदार, नफरत के बाजार में प्यार की दुकान खोलिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक-दूसरे से प्यार करें और एक-दूसरे को गले लगाएं. यह भारत की ताकत है और यही चीज देश को आगे ले जाएगी.’’

मीडिया को अपना दोस्त बताते हुए गांधी ने कहा, ‘‘मैं उन्हें दोस्त कहता हूं, लेकिन आमतौर पर वे दोस्तों जैसा काम नहीं करते. उनके दोस्त कोई और होते हैं, जो 24 घंटे टीवी पर दिखते हैं. हमारी यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक जा रही है और लाखों लोग इसमें हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन आप इसे मीडिया पर नहीं देखेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यदि नरेन्द्र मोदी जी 10 से 15 कदम भी चले तो ये आपको 24 घंटे टीवी पर देखने को मिलेगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह मीडिया की गलती नहीं है और मैं उनके (मीडिया) खिलाफ नहीं हूं… उन्हें कोई नियंत्रित करता है.’’

गांधी ने कहा, ‘‘मार्च ‘वो तोडेंगे, हम जोड़ेंगे’ के नारे के साथ शुरू हुआ था, ‘‘लेकिन हमें एक कदम आगे बढ़ना होगा और कहना होगा, हम ‘उन्हें तोड़ने नहीं देंगे.’’ रणदीप ंिसह सुरजेवाला, भूपेंद्र ंिसह हुड्डा, के सी वेणुगोपाल, कुमारी सैलजा, कांग्रेस की हरियाणा इकाई के प्रमुख उदय भान समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव उपस्थित थे.

इस बीच कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में कोविड नियमों का पालन करने की नसीहत देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लिखा गया पत्र भाजपा के तीन सांसदों की ंिचताओं पर आधारित था न कि विशेषज्ञों या वैज्ञानिकों की सलाह पर. उन्होंने केंद्र सरकार पर चुंिनदा ढंग से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया.

कांग्रेस महासचिव (संचार) रमेश ने कहा, ‘‘ यदि विशेषज्ञों की सलाह होती या किसी चिकित्सा संस्थान, जनस्वास्थ्य या वैज्ञानिक संस्थान की सलाह पर किसी नियम का पालन किया जाना होता तो उसका पालन करना हमारी जिम्मेदारी हो जाती है. हम राजनीतिक दिशानिर्देश का विरोध करेंगे, वैज्ञानिक दिशानिर्देशों का नहीं.’’ उन्होंने कहा कि गांधी को लिखे पत्र में मांडविया ने कोरोना वायरस के फैलने पर तीन भाजपा सांसदों द्वारा प्रकट की गयी ंिचता का हवाला दिया है.

उन्होंने कहा, ‘‘ यह पत्र तीन भाजपा सांसदों की ओर से प्रकट की गयी ंिचताओं पर आधारित था न कि विशेषज्ञों या वैज्ञानिकों की सलाह पर और स्वास्थ्य मंत्री अचानक राहुल गांधी को पत्र भेज देते हैं.’’ उन्होंने कहा कि यात्रा में भाग ले रहा हर ‘भारतयात्री’ पूरी तरह टीकाकरण करवा चुका है और ‘‘ कई ने तो बूस्टर डोज भी लगवा ली है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अब तक भारत जोड़ो यात्रा में कोविड का एक भी मामला सामने नहीं आया है.’’ भाजपा को निशाने पर लेते हुए रमेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक गंभीर जनस्वास्थ्य मुद्दे पर राजनीति की जा रही है. उन्होंने कहा कि 2020 में जब से कोविड महामारी फैली, तब से ऐसा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामले का राजनीतिकरण गलत है लेकिन सरकार ‘चुंिनदा ढंग से’ यात्रा को निशाना बना रही है.

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