कैंब्रिज से राहुल ने भारतीय लोकतंत्र पर हमले का लगाया आरोप

मेरे और कई नेताओं के फोन में पेगासस था, गुप्तचर अधिकारियों ने मुझे सावधान किया: राहुल

लंदन/नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ब्रिटेन में दावा किया है कि नरेन्द्र मोदी सरकार में लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है तथा उनके फोन में इजरायली स्पाइवेयर ‘पेगासस’ का इस्तेमाल किया गया जिसके बारे में गुप्तचर अधिकारियों ने उन्हें सावधान किया था.

राहुल गांधी के इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पर तीखे प्रहार किये और आरोप लगाया कि उन्होंने विदेशी धरती पर भारत को बदनाम किया है. इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ‘शर्म आने वाली गतिविधि’ बंद कर दे तो वह भी इस बारे चर्चा करना बंद कर देगी.

राहुल गांधी ने ब्रिटेन के मशहूर शिक्षण संस्थान कैंब्रिज विश्वविद्यालय में दिए व्याख्यान में यह आरोप भी लगाया कि भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट कर रहे हैं. राहुल गांधी के व्याख्यान का वीडियो कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा और पार्टी से संबंधित सोशल मीडिया मंचों पर जारी किया गया है. कांग्रेस नेता ने इस व्याख्यान में अपनी ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ और चीन के संदर्भ में विस्तार से बातचीत की है.

उन्होंने भारत में विपक्षी नेताओं की ‘‘निगरानी किए जाने’’ का उल्लेख करते हुए दावा किया, ‘‘मेरे फोन में पेगासस था, कई और नेताओं के फोन में भी पेगासस था. गुप्तचर अधिकारियों ने मुझे बताया कि फोन पर बातचीत करते हुए कृपया सावधान रहें क्योंकि हम रिकॉर्ड (आपकी बातों को) कर रहे हैं.’’

राहुल गांधी का कहना था, ‘‘हम (विपक्ष) इस तरह का दबाव लगातार महसूस कर रहे हैं. विपक्ष के खिलाफ मामले दर्ज हो रहे हैं. मेरे खिलाफ कुछ ऐसे आपराधिक मामले दर्ज किए गए जो किसी भी परिस्थिति में आपराधिक मामले नहीं थे.’’ पिछले साल के मध्य में एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने कहा था कि पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग कर 300 से अधिक भारतीय मोबाइल फोन नंबरों को निगरानी के लिए संभावित लक्ष्यों की सूची में रखा गया था जिनमें कई नेताओं और पत्रकारों के फोन नंबर भी थे. इसके बाद कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने संसद और संसद के बाहर इस मुद्दे को लेकर सरकार निशाना साधा था और जासूसी करने का आरोप लगाया था.

उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की जांच के लिए गत अक्टूबर महीने में विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था.
राहुल गांधी ने ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ निकालने के कारण के संदर्भ में कहा ‘‘जब लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला हो रहा है तो विपक्ष के तौर पर हमारे लिए संवाद करना बहुत मुश्किल हो जाता है. इसलिए हमने भारत की संस्कृति और इतिहास की तरफ मुड़ने का फैसला किया. आप ने दांडी यात्रा के बारे में सुना होगा जो महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ निकाली थी.’’ उन्होंने कहा कि इस ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ का मकसद सिर्फ दूरी तय करना नहीं था बल्कि लोगों को सुनना था.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हर कोई जानता है और यह खबरों में भी है कि भारतीय लोकतंत्र दबाव में है और इस पर हमला हो रहा है…लोकतंत्र के लिए जरूरी ढांचे, मसलन संसद, स्वतंत्र प्रेस, न्यायपालिका सभी पर नियंत्रण हो रहा है. इसलिए हम भारतीय लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे पर ही हमले का सामना कर रहे हैं.’’

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘विदेशी धरती पर फिर एक बार राहुल गांधी रोने-धोने का काम कर रहे हैं. नतीजे क्या आएंगे उनको पता था और पेगासस का मुद्दा उनके दिलो-दिमाग पर बैठा हुआ है.’’

उन्होंने सवाल उठाया कि पेगासस मामले में राहुल गांधी की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्होंने अपना मोबाइल फोन जमा नहीं करवाया? ठाकुर ने कहा, ‘‘वो नेता जो भ्रष्टाचार के चलते जमानत पर है. ऐसा क्या था उनके फोन में कि उनको छिपाने की जरूरत पड़ गई. उन्होंने और अन्य नेताओं ने अपना मोबाइल फोन क्यों जमा नहीं करवाया?’’ भाजपा प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा, ‘‘हम राहुल गांधी के मतिभ्रम के लिए क्या कह सकते हैं. अगर वह चीन के साथ अपने (कांग्रेस के) समझौता ज्ञापन को सार्वजनिक करते हैं, तो हमें भी दिलचस्पी होगी और भारत के लोग भी जानना चाहेंगे.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता इस प्रकार के दावे इसलिए करते हैं क्योंकि वह जहां भी जाते हैं, वहां सुर्खियां बटोरना चाहते हैं.
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भाजपा पर पलटवार करते हुए विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुछ

बयानों का उल्लेख करते हुए यह भी पूछा कि क्या भाजपा को इस पर शर्म नहीं आती? उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी को हम सलाह देते हैं कि वह इस तरह की हरकतें बंद कर दे, जिस पर चर्चा करने पर शर्म आ जाती है, तो हम भी उन पर चर्चा करना बंद कर देंगे.’’

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