चलिए स्वास्थ्य देखभाल को सेवा बनाएं, व्यापार नहीं: मांडविया ने दुनिया के नेताओं से कहा

नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को एक समान और टिकाऊ वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के निर्माण का आ’’ान किया और कहा कि भारत ने एक ऐसा भविष्य बनाने का बीड़ा उठाया है जहां स्वास्थ्य देखभाल सेवा हो, व्यापार नहीं.
स्वास्थ्य मंत्री ने यहां ‘एडवांटेज हेल्थकेयर-इंडिया 2023’ को संबोधित करते हुए सभी हितधारकों से भारत को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा के लिए ‘‘पसंदीदा गंतव्य’’ बनाने की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया. इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल माध्यम से किया.

स्वास्थ्य सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने और उनकी उपलब्धता में असमानताओं को कम करने के लिहाज से चिकित्सा यात्रा पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में 10 देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के साथ ही 70 से अधिक देशों के लगभग 500 व्यापार प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है. यह गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के लिए यात्रा करने के क्षेत्र में मूल्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले कार्यबल के निर्यातक, विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा और कल्याण सेवाओं के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में भारत की ताकत को प्रर्दिशत करता है.

मांडविया ने कहा, ‘‘शक्तियों के साथ बहुत सारी जिम्मेदारियां आती हैं. ‘वैश्विक दक्षिण’ की आवाज के रूप में, हम पर एक बेहतर भविष्य बनाने की जिम्मेदारी है, एक ऐसा भविष्य जहां स्वास्थ्य देखभाल सेवा हो, कारोबार नहीं.’’ उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले नौ वर्ष में एक नई भावना के साथ स्वास्थ्य सेवा में अपने ‘‘दिल और दिमाग’’ का निवेश किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘एक लचीला स्वास्थ्य देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए, भारत ने आयुष्मान भारत के चार मुख्य स्तंभों के आधार पर एक मजबूत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है.’’ मंत्री ने अस्पतालों की क्षमता निर्माण की सुविधा के लिए दूसरी और तृतीय स्तर की देखभाल सुविधाओं की कमी वाले कई विकासशील देशों को भारत द्वारा सहायता प्रदान करने का भी उल्लेख किया ताकि वे अपने देश में रोगियों का इलाज कर सकें और भारत में विशेष देखभाल की जरूरत वाले मामलों को ही भेजें.

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर में मरीजों के सफल इलाज की कई कहानियां हैं, जिन्हें भारत के आधुनिक उपचार और पारंपरिक चिकित्सा से लाभ हुआ है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज, भारत को न केवल एशिया में बल्कि दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा प्रदान करने वाले स्थलों में से एक के रूप में पहचाना जा रहा है.’’

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