
मुंबई. बगैर शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं द्वारा आज शासन किये जाने संबंधी अपने बयान से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ने के बाद अभिनेत्री काजोल ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वह महज शिक्षा के महत्व को बता रही थीं. ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘करण अर्जुन’ और ‘गुप्त’ जैसी 1990 के दशक की हिट फिल्में देने वाली अभिनेत्री ने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा कि उनका इरादा अपने विचारों से किसी नेता का अपमान करना नहीं था.
काजोल ने शनिवार शाम किये ट्वीट में कहा, ”मैं महज शिक्षा और इसके महत्व के बारे में बोल रही थी. मेरा इरादा किसी राजनीतिक नेता का अपमान करना नहीं था, हमारे पास कुछ महान नेता हैं जो देश को सही राह पर ले जा रहे हैं.” हाल में, एक ऑनलाइन मीडिया पोर्टल को दिए साक्षात्कार में अभिनेत्री से पूछा गया था कि क्या यह दुखद नहीं है कि देश में इतनी प्रगति होने के बावजूद अब भी कुछ ऐसे विचार हैं जो महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं.
काजोल (48) ने अपनी आगामी सीरीज ‘द ट्रायल : प्यार, कानून, धोखा” के प्रचार के दौरान ‘द क्विंट’ को दिए साक्षात्कार में कहा था, ”भारत जैसे देश में बदलाव की रफ्तार धीमी है. यह बहुत, बहुत धीमी है क्योंकि हम अपनी परंपराओं और विचार प्रक्रियाओं से बंधे हुए हैं और बेशक इसका संबंध शिक्षा से है. आपके पास ऐसे नेता हैं जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि नहीं है.” उन्होंने कहा था, ”मुझे यह कहते हुए खेद है, लेकिन यह सच्चाई है कि हम पर ऐसे नेता शासन कर रहे हैं जिनमें से कई के पास कोई दृष्टि नहीं है, जो मुझे लगता है कि आपको शिक्षा से मिलती है, कम से कम एक अलग दृष्टिकोण मिलता है.” इस साक्षात्कार की वीडियो क्लिप शनिवार को वायरल होने पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के एक वर्ग ने इन टिप्पणियों को लेकर काजोल की आलोचना की.
सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने फिल्मों में करियर बनाने के लिए अभिनेत्री के स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ने का जिक्र करते हुए कहा, ”स्कूल की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली अभिनेत्री शिक्षा और अशिक्षित नेताओं पर उपदेश दे रही है. पहले अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करो, फिर कुछ बोलो.” शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि काजोल को अपनी राय रखने का हक है.
उन्होंने ट्वीट किया, ”तो काजोल का कहना है कि हम पर ऐसे नेता शासन कर रहे हैं जो अशिक्षित हैं और उनके पास कोई दृष्टि नहीं है. कोई नाराज नहीं है क्योंकि यह उनकी अपनी राय है और उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया है, लेकिन सभी भक्त नाराज हैं. कृपया अपना ‘एंटायर पॉलिटिकल साइंस नॉलेज’ न ‘येल’ करें (दें).”



