दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी इमारत, छात्रों के दबे होने की आशंका; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

लगातार बारिश के बीच हुआ हादसा, बिल्डिंग में चल रहा था छात्रों का पीजी; कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया, राहत-बचाव में जुटीं कई एजेंसियां

दिल्ली बिल्डिंग हादसा: राजधानी दिल्ली में लगातार तीसरे दिन हो रही बारिश के बीच दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत अचानक ढह गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि इमारत में छात्रों के लिए पीजी/हॉस्टल संचालित हो रहा था और हादसे के वक्त बड़ी संख्या में छात्र वहां मौजूद थे।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मलबे में कई छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। बचाव दल ने कुछ छात्रों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है।

लगातार बारिश के बीच हुआ हादसा

सत्य निकेतन में यह हादसा रविवार दोपहर हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस और दमकल विभाग को करीब 1:33 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद फायर सर्विस की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं।

लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान में चुनौतियां बढ़ गई हैं। मलबे को हटाने के लिए अतिरिक्त उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है और बचावकर्मी सावधानी के साथ अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

इमारत में चल रहा था छात्रों का पीजी

स्थानीय जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत में हादसा हुआ वहां छात्रों के रहने के लिए पीजी या हॉस्टल संचालित किया जा रहा था। एक चश्मदीद के अनुसार, मुख्य इमारत पांच मंजिला थी और उसका नाम ‘हॉस्टल डेज़’ बताया गया है।

चश्मदीद ने दावा किया कि इमारत के पास मौजूद एक अन्य संरचना भी गिर गई। उसके मुताबिक, कुछ छात्र अपने कमरों के अंदर थे और उनके मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि, फंसे लोगों की सही संख्या का पता रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड और राहत अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

तीन छात्रों को निकाला गया

हादसे के बाद बचाव दल ने शुरुआती कार्रवाई में तीन छात्रों को मलबे से बाहर निकाल लिया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों की ओर से बचाव अभियान को लगातार तेज किया जा रहा है।

मौके पर मौजूद पुलिस भीड़ को नियंत्रित कर रही है, जबकि बचावकर्मियों के लिए अतिरिक्त संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

DDMA और NDRF भी राहत अभियान में शामिल

घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी सूचना दी गई। दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

एहतियात के तौर पर हादसे के आसपास की एक इमारत को खाली कराया गया है, ताकि बचाव अभियान के दौरान किसी अन्य दुर्घटना की संभावना न रहे।

मुख्यमंत्री ने जताई चिंता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि संबंधित एजेंसियां युद्ध स्तर पर बचाव कार्य में जुटी हैं। उन्होंने कहा कि फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर राहत अभियान चलाया जा रहा है।

फंसे लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं

फिलहाल मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी में हादसे के समय इमारत में बड़ी संख्या में छात्रों के मौजूद होने की बात सामने आई है। बचाव अभियान पूरा होने और रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो पाएगी।

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