भारत ने अरुणाचल के कुछ खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी करने को लेकर चीन के समक्ष आपत्ति जताई

नयी दिल्ली. भारत ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी किए जाने को अस्वीकार्य बताया और कहा कि वह ऐसे कदमों का ”समुचित उत्तर” देने का अधिकार रखता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत पहले ही इस मामले पर चीनी पक्ष के समक्ष अपना ”कड़ा विरोध” दर्ज करा चुका है और भारतीय नागरिकों के लिए वीजा व्यवस्था में अधिवास या जातीयता के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए.

इस मामले से अवगत लोगों ने कहा कि विश्व-विश्वविद्यालय खेलों (वर्ल्ड यूनिर्विसटी गेम) में प्रतिस्पर्धा करने के लिए चीन के चेंगदू की वुशु खिलाड़ियों की 12 सदस्यीय टीम की यात्रा बुधवार रात को रद्द कर दी गई क्योंकि समूह में अरुणाचल प्रदेश के तीन खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा दिया गया था. सरकार द्वारा मामले की जांच किए जाने के बाद टीम की यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया.

बागची ने कहा कि यह सरकार के संज्ञान में आया है कि उन कुछ भारतीय नागरिकों को स्टेपल वीजा जारी किया गया, जिन्हें चीन में एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में देश का प्रतिनिधित्व करना था. उन्होंने कहा, ”यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है और हमने चीनी पक्ष के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है तथा भारत ऐसे कदमों का समुचित जवाब देने का अधिकार रखता है.” उन्होंने एक मीडिया ब्रीफिंग में यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या अरुणाचल प्रदेश के कई खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी किया गया है.

बागची ने कहा, ”हमारी दीर्घकालिक और स्पष्ट स्थिति यह है कि वैध भारतीय पासपोर्ट रखने वाले भारतीय नागरिकों के लिए वीजा व्यवस्था में अधिवास या जातीयता के आधार पर कोई भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए.” यदि आव्रजन अधिकारी किसी पासपोर्ट पर वीजा की मोहर न लगाते हुए अलग से कागज पर मोहर लगाकर देते हैं और मोहर लगाकर पासपोर्ट के साथ नत्थी कर देते हैं, तो उसे स्टेपल वीजा कहा जाता है.

इस मामले से अवगत लोगों ने बताया कि जहां टीम के अन्य सदस्यों को सामान्य वीजा मिला, वहीं अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा दिया गया. चीन द्वारा पहले भी अरुणाचल प्रदेश के लोगों को स्टेपल वीजा जारी करने के मामले सामने आए थे, जिस पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताकर उस पर दावा करता रहा है. भारत ने अप्रैल में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों का नाम बदले जाने को सिरे से खारिज किया था और कहा था कि राज्य भारत का अभिन्न अंग है.

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