एलएसी पर अप्रैल, 2020 की यथास्थिति कब बहाल होगी? : सुरजेवाला

नयी दिल्ली. कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने चीन के साथ सीमा से जुड़े मुद्दे को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और कहा कि आखिर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अप्रैल, 2020 की यथास्थिति कब बहाल होगी? उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार ‘भारत माता’ की रक्षा के लिए बयानबाजी से आगे नहीं बढ़ पा रही है.

भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध के शेष मुद्दों को शीघ्रता से हल करने पर सहमत हुए. दोनों पक्षों द्वारा दो दिवसीय सैन्य वार्ता समाप्त होने के एक दिन बाद मंगलवार को एक संयुक्त बयान में यह जानकारी दी गई.
बयान में कहा गया, “दोनों पक्षों ने पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी पर शेष मुद्दों के समाधान पर सकारात्मक, रचनात्मक और गहन चर्चा की.” भारत-चीन कोर कमांडर-स्तरीय बैठक के 19वें दौर के बाद जारी बयान में पूर्वी लद्दाख में गतिरोध वाले शेष बिंदुओं पर सैनिकों की वापसी में किसी तत्काल सफलता का संकेत नहीं मिला.

सुरजेवाला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया, ”चीन के साथ 19वें दौर की वार्ता विफल, पिछले तीन वर्षों से वार्ता हर बार विफल ! अप्रैल 2020 की यथास्थिति 3 साल और 3 महीने बाद भी बहाल नहीं हुई! भारतीय सेना रणनीतिक डीबीओ हवाई पट्टी या डेमचोक के पास सीएनएन जंक्शन के पास डेपसांग मैदान में “65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स में से 26 पर गश्त नहीं कर सकती !” उन्होंने सवाल किया, ”चीन की सेना द्वारा खुलेआम कब्ज.ा किये गये भारतीय क्षेत्र को कब खाली कराया जाएगा और चीनी सेना को कब पीछे धकेला जाएगा? क्या मोदी सरकार ने चीन द्वारा कब्जाए गए लगभग 1,000 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र को छोड़ने के लिए समझौता कर लिया है? चीन को “लाल आंखें” दिखाकर अप्रैल 2020 की यथास्थिति कब बहाल की जाएगी?”

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ”क्या प्रधानमंत्री मोदी अब भी इस बात पर कायम हैं कि “कोई भी भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा है” जैसा कि उन्होंने 20 जून, 2020 को सर्वदलीय बैठक में कहा था या क्या उन्होंने देश को गुमराह किया? यदि “कोई भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा’ तो चीन के साथ बातचीत क्यों की जा रही है और क्या सेना प्रमुख का यह कहना गलत है कि चीन ने भारतीय क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है?” उन्होंने यह सवाल भी किया कि मोदी सरकार “भारत माता” की रक्षा के लिए बयानबाजी से आगे कब बढ़ेगी?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button