
नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि संसद में तेलंगाना आंदोलन शहीदों और उनके बलिदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित अपमानजनक टिप्पणी राज्य के अस्तित्व और स्वाभिमान का ह्लअपमानह्व करने के अलावा और कुछ नहीं है.
राहुल गांधी ने तेलुगू भाषा में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी का तेलंगाना के शहीदों और उनके बलिदान पर अपमानजनक भाषण तेलंगाना के अस्तित्व और स्वाभिमान का अपमान है.” प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को पुराने संसद भवन के लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान इस बात पर अफसोस जताया कि आंध्र प्रदेश से अलग होकर तेलंगाना बनने से दोनों राज्यों में केवल ”कड़वाहट बढ.ी और खून-खराबा हुआ.” तेलंगाना सरकार के मंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को “अपमानजनक” बताया और कहा कि यह ऐतिहासिक तथ्यों के प्रति “अनादर” को दर्शाता है.
संविधान की प्रति के साथ अधीर ने राहुल व कई अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नए संसद भवन तक मार्च किया
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को हाथ में संविधान की प्रति लेकर संसद के पुराने भवन से नए भवन तक मार्च किया. इस दौरान चौधरी के साथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, द्रमुक के नेता टीआर बालू, कनिमोई, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश तथा कुछ अन्य नेता भी थे.
संसद के नए भवन में प्रवेश करने से पहले चौधरी ने संविधान की प्रति को ऊपर उठाकर दिखाया. चौधरी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान भी एक बार संविधान की प्रति दिखाई और कहा कि ‘आप जो भी काम करें, यह समझें कि संविधान सर्वोपरि है.’



