ओटीटी को अच्छी सामग्री और अश्लीलता के बीच की रेखा नहीं लांघनी चाहिए : डीएमसीआरसी प्रमुख

नयी दिल्ली. डिजिटल मीडिया सामग्री नियमन परिषद्(डीएमसीआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मुकुल मुद्गल ने ओटीटी मंचों के सदस्यों से ‘अनुशासित’रहने और अच्छी सामग्री और ‘अश्लीलता’ के बीच फर्क करने को कहा. हाल में संपन्न संवाद सत्र के दौरान सदस्य ओटीटी (ओवर द टॉप) चैनलों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति मुद्गल ने रेखांकित किया कि यह ‘बहुत उत्साहजनक’ है कि डीएमसीआरसी के सदस्य ओटीटी मंच विभिन्न विनियमनों और नैतिक संहिता का अनुपालन कर रहे हैं.

डीएमसीआरसी की ओर से यहां जारी बयान के मुताबिक, न्यायमूर्ति मुद्गल ने कहा, ”यह सभी के लिए जरूरी है कि अनुशासित रहें और अच्छी सामग्री और अश्लीलता के बीच की रेखा न लांघें.” डीएमसीआरसी स्व विनियामक निकाय है और डिज्नी प्लस हॉटस्टार, जी5 , सोनीलिव, जियो सिनेमा, वूट, मनोरमा मैक्स, सन नेक्स्ट, डिस्कवरी प्लस, यूप टीवी, नी स्ट्रीम और फैनकोड जैसे ओटीटी मंच इसके सदस्य हैं.

बयान के मुताबिक, ”डिजिटल मीडिया सामग्री नियमन परिषद ने इसके सदस्य ओटीटी मंचों के साथ नयी दिल्ली में 13 अक्टूबर 2023 को संवाद सत्र आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति मुदगल ने की.” बयान के मुताबिक, अन्य मुद्दों के साथ-साथ ओटीटी मंच पर प्रसारित सामग्री में कथित फूहड़पन, अश्लीलता, गाली-गलौज और हिंसा को प्रस्तुत करने के मुद्दों पर चर्चा की गई और संवाद सत्र के दौरान इन्हें दूर करने के सुझाव भी दिये गए. संवाद सत्र के दौरान डीएमसीआरसी अध्यक्ष ने कहा, ”आप जो दिखाते हैं उसका समाज पर गहरा असर होता है, क्योंकि आपकी पहुंच लाखों दर्शकों तक है. भारत जैसे विविधता वाले लोकतंत्र में आपकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है.”

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