
मुंबई. शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने बंबई उच्च न्यायालय से अनुरोध किया है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से पहले उनका पक्ष सुना जाए.
वकील राहुल अरोटे के माध्यम से 13 अक्टूबर को दायर अपनी याचिका में ठाकरे ने कहा कि जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि सरकारी एजेंसी पहले ही मामले की जांच कर रही है. इस साल सितंबर में ‘सुप्रीम कोर्ट एंड हाई कोर्ट लिटिगेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष राशिद खान पठान के माध्यम से दायर जनहित याचिका में दिशा सालियान और सुशांत सिंह राजपूत की “रहस्यमय” मौत के संबंध में ठाकरे की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग की गई थी. जनहित याचिका अभी सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष पेश नहीं की गई है.
अरोटे ने कहा, ह्लहमने एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है जिसमें कहा गया है कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले हमारा पक्ष सुना जाना चाहिए. हमने कहा है कि जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है क्योंकि सीबीआई पहले से ही सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच कर रही है.ह्व उन्होंने कहा कि किसी जनहित याचिका पर कोई आदेश कैसे पारित किया जा सकता है, जब एक सरकारी एजेंसी पहले से ही जांच में लगी हुई है.
जनहित याचिका में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री ठाकरे से पूछताछ करने और एक व्यापक जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देने की मांग की गई है. सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को उपनगरीय बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे. राजपूत की पूर्व प्रबंधक दिशा सालियान की आठ जून, 2020 को उपनगरीय मलाड में एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के बाद मृत्यु हो गई थी.



