
नयी दिल्ली. सोनी ग्रुप कॉरपोरेशन ने जी एंटरटेनमेंट के साथ 10 अरब अमेरिकी डॉलर के विलय समझौते को समाप्त कर दिया है. विलय की गई इकाई का नेतृत्व कौन करेगा, इस बात पर गतिरोध के कारण यह फैसला किया गया. समूह ने इस समझौते को समाप्त करने के लिए जी को एक नोटिस भेजा और विलय समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने के लिए समाप्ति शुल्क के रूप में नौ करोड़ अमेरिकी डॉलर की मांग की.
जी ने इस संबंध में शेयर बाजार को दी जानकारी में सोनी के सभी दावों का खंडन किया और कहा कि वह कानूनी मदद लेगा. कंपनी ने कहा, ” जी ने कई स्थायी तथा अपरिवर्तनीय कदम उठाकर विलय के प्रति अत्यधिक प्रतिबद्धता दिखाई है, जिसके परिणामस्वरूप जी को एकमुश्त तथा बार-बार आने वाली लागत का सामना करना पड़ा.” समझौते का समाप्त किए जाने की वजह नेतृत्व को लेकर गतिरोध बताई जा रही है. सोनी ने विलय के बाद भी प्रमुख बने रहने की जी के मुख्य कार्यकारी पुनित गोयनका की मांग का विरोध किया था. पुनित गोयनका के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जांच कर रहा है.
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था में बने रहने के लिए दोनों कंपनियों के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा था. इस समझौते से 70 से अधिक भारतीय टीवी चैनल, लोकप्रिय बॉलीवुड स्टूडियो तथा एक व्यापक फिल्म लाइब्रेरी के साथ एक बड़ा समूह अस्तित्व में आता जो वैश्विक कंपनियों नेटफ्लिक्स और अमेजन को टक्कर देता.
जापान की कंपनी ने एक बयान में कहा, ”सोनी ग्रुप कॉरपोरेशन की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आज एक नोटिस जारी करते हुए एसपीएनआई और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जील) के बीच समझौतों को समाप्त करने की घोषणा करती है. इस समझौते की घोषणा 22 दिसंबर 2021 को गई थी. ” कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट को पहले सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएनआई) के नाम से जाना जाता था.
समझौते के तहत विलय 21 दिसंबर 2023 से पहले पूरा किया जाना था. बाद में यह अवधि एक महीने और बढ़ा दी गई थी. शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा गया, ”विलय अंतिम तिथि तक पूरा नहीं हुआ, क्योंकि अन्य बातों के अलावा विलय की समापन शर्तें तब तक पूरी नहीं हुई थीं.” सोनी ने कहा, ” अत्यंत निराशा हुई कि समय सीमा 21 जनवरी तक विलय की शर्तें पूरी नहीं हुईं.”कंपनी ने कहा कि वह भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. जी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि सोनी ने उससे समझौते की शर्तों के ‘कथित उल्लंघन’ के लिए नौ करोड़ अमेरिकी डॉलर के समाप्ति शुल्क की मांग भी की है.
कंपनी ने कहा, ” हम सोनी के सभी दावों का पूर्ण रूप से खंडन करते हैं. सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. उचित कानूनी कार्रवाई सहित अपने सभी संबद्ध पक्षों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएंगे.” जी ने कहा कि उसने विलय समझौते के अनुरूप ‘सभी प्रयास किए और कदम’ उठाए हैं और उसे क्रियान्वित करने की दिशा में लगातार काम किया है.
बढ़ती स्ट्रीमिंग लागत और घटते विज्ञापन राजस्व के कारण मुनाफे में गिरावट के साथ भारतीय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में गिरावट आई है. समझौता समाप्त होने के बाद कुछ क्रिकेट आयोजनों के टीवी प्रसारण अधिकारों के लिए डिज्नी स्टार के साथ जी का चार साल का करार खतरे में पड़ सकता है क्योंकि समझौते की अवधि के दौरान उसे 1.32-1.44 अरब अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना होगा.
राष्ट्रीय कम्पनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने पिछले साल अगस्त में विलय के लिए मंजूरी दी थी.
इस समझौते से 10 अरब अमेरिकी डॉलर की मनोरंजन कंपनी अस्तित्व में आती. इसमें सोनी की 50.86 प्रतिशत हिस्सेदारी जबकि गोयनका के परिवार की 3.99 प्रतिशत हिस्सेदारी होती.
समझौता समाप्त होने से अब जी को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और वॉल्ट डिज्नी कंपनी के मीडिया संचालन के संभावित विलय जैसी दिग्गज कंपनी के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए नए सिरे से रणनीति फिर से तैयार करनी होगी. सोनी को भी अपनी भारतीय रणनीति पर फिर से विचार करना होगा क्योंकि उसे अब जी की क्षेत्रीय भाषाओं और दर्जनों टेलीविजन चैनल की सामग्री का फायदा नहीं मिलेगा. विलय को एनसीएलटी के अलावा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), शेयर बाजार एनएसई तथा बीएसई, कंपनी के शेयरधारकों और कर्जदाताओं की मंजूरी मिल चुकी थी.



