मुनव्वर फारूकी के खिलाफ आरोपपत्र दायर करने के लिए पुलिस को सरकार की मंजूरी का इंतजार

''बिग बॉस'' विजेता फारुकी के खिलाफ इंदौर में दर्ज मामले में तीन साल बाद भी आरोप पत्र पेश नहीं

इंदौर. इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में हास्य कलाकार मुनव्वर फारूकी के खिलाफ 2021 में दर्ज एक मामले की जांच जारी है और पुलिस ने अभी आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

हालांकि अभियोजन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने 29 जनवरी 2021 को राज्य सरकार को पत्र लिखकर भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए (किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत आरोप पत्र दायर करने की अनुमति मांगी थी. फारूकी और चार अन्य को इस मामले में एक जनवरी 2021 की रात इंदौर के एक कैफे से गिरफ्तार किया गया था.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थानीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत के आधार पर तुकोगंज थाने में मामला दर्ज किया गया था. तुकोगंज के थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”मामले की जांच जारी है और अब तक अदालत में आरोप पत्र दायर नहीं किया गया है.” अभियोजन विभाग के अधिकारी ने कहा कि आरोप पत्र दायर करने के लिए आवश्यक अनुमति का इंतजार है, हालांकि इंदौर पुलिस ने 29 जनवरी, 2021 को राज्य सरकार को इस संबंध में पत्र लिखा था.

अधिकारी ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 295-ए के तहत दर्ज मामले में आरोप पत्र दायर करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति आवश्यक है. फारूकी 35 दिन तक इंदौर के केंद्रीय कारागार में बंद रहे थे. उच्चतम न्यायालय के आदेश पर उन्हें छह फरवरी 2021 को अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था. उन्होंने हाल ही में रियलिटी टीवी शो “बिग बॉस” का 17वां संस्करण जीता है. 2022 में, वह एक और रियलिटी शो “लॉक-अप” के पहले संस्करण के विजेता बने थे.

”बिग बॉस” विजेता फारुकी के खिलाफ इंदौर में दर्ज मामले में तीन साल बाद भी आरोप पत्र पेश नहीं

हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोप में हास्य कलाकार मुनव्वर फारुकी और चार अन्य लोगों के खिलाफ इंदौर में प्राथमिकी दर्ज होने को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन इस बहुर्चिचत मामले में जिला अदालत में अब तक आरोप पत्र पेश नहीं किया जा सका है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

बत्तीस साल के फारुकी रियलिटी टीवी शो ”बिग बॉस” के 17वें संस्करण के हाल ही में विजेता बने हैं. वह 2022 में दो ओटीटी मंचों पर प्रसारित एक अन्य रियलिटी शो “लॉक अप” के पहले संस्करण के भी विजेता रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियों के जरिये हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में फारुकी और चार अन्य लोगों को एक जनवरी 2021 की रात इंदौर के एक कैफे से गिरफ्तार किया गया था.

उन्होंने बताया कि इन लोगों के खिलाफ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थानीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत पर शहर के तुकोगंज पुलिस थाने में भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए तथा अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था.

तुकोगंज थाने के प्रभारी जितेंद्र सिंह यादव ने ”पीटीआई-भाषा” को बताया, ”इस मामले में हमारी जांच जारी है और अभी अदालत में आरोप पत्र पेश नहीं किया गया है.” अभियोजन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य) के तहत आरोप पत्र पेश किए जाने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है.

अधिकारी ने बताया कि मामले में अदालत में आरोप पत्र पेश करने की अनुमति के लिए इंदौर पुलिस की ओर से राज्य सरकार को 29 जनवरी 2021 को पत्र भेजा गया था. उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के हवाले से बताया कि भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 295-ए के तहत दर्ज किसी मामले में अदालत में आरोप पत्र पेश किए जाने से पहले राज्य सरकार से अनुमति जरूरी है. हास्य प्रस्तुति के लिए इंदौर आए फारुकी अपनी गिरफ्तारी के बाद शहर की केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत के तहत 35 दिन बंद रहे थे. उन्हें उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद छह फरवरी 2021 को देर रात जेल से रिहा किया गया था.

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