
रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अमरजीत भगत ने सोमवार को कहा कि उनके परिसरों पर आयकर विभाग की छापेमारी उन्हें परेशान करने का प्रयास है. प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके भगत ने कहा कि इस तरह के कदम उन्हें रोक नहीं पायेंगे और वह आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे.
इससे पहले, 31 जनवरी को, आयकर विभाग ने अंबिकापुर और रायपुर में भगत से जुड़े परिसरों के साथ-साथ अन्य स्थानों पर कुछ व्यापारियों और बिल्डरों के यहां छापेमारी की, जो चार दिन तक चलती रही. उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि आदिवासी नेताओं समेत विपक्ष के लोगों को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. भगत ने दावा किया कि आदिवासी नेता हेमंत सोरेन को निशाना बनाया गया और उन्हें झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया (और फिर गिरफ्तार कर लिया गया).
उन्होंने कहा कि ”उसी दिन, आयकर अधिकारियों ने मेरे आवास और मेरे सहयोगियों के परिसरों पर छापा मारा. यह मुझे मानसिक रूप से परेशान करने और धमकी एवं भय का माहौल बनाने का एक प्रयास था. हमें पांच दिन तक (छापेमारी के दौरान) अपने घर से बाहर नहीं जाने दिया गया.” वरिष्ठ आदिवासी नेता भगत ने दावा किया कि आयकर अधिकारियों को छापेमारी में कुछ नहीं मिला .



