तमिलनाडु में अगले साल गठबंधन सरकार बनेगी, पीएमके होगी उसका हिस्सा : अंबुमणि रामदास

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 15 Jun 2025 10:11 PM
तमिलनाडु में अगले साल गठबंधन सरकार बनेगी, पीएमके होगी उसका हिस्सा : अंबुमणि रामदास
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चेन्नई. पट्टाली मक्कल काच्चि (पीएमके) के शीर्ष नेता अंबुमणि रामदास ने रविवार को विश्वास जताया कि अगले साल तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद एक गठबंधन सरकार बनेगी, जिसमें उनकी पार्टी भी एक घटक होगी. चेन्नई के निकट तिरुवल्लूर में पार्टी की जिला स्तरीय आम परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए रामदास ने गांव स्तर पर पहुंच बनाने और युवाओं को सदस्य बनाने जैसे उपायों के जरिए पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि ऐसे उद्देश्यों के लिए जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं.

उन्होंने विश्वास जताया कि अगले साल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में एक गठबंधन सरकार बनेगी, जिसमें उनकी पार्टी एक घटक होगी. उन्होंने कहा कि पीएमके की स्थापना द्रमुक या अन्नाद्रमुक द्वारा सरकार बनाने में मदद करने के लिए नहीं की गई थी. उन्होंने कहा, ”हमें भी शासन करना चाहिए. तभी सामाजिक न्याय कायम रह सकता है. हमें किसी और चीज की जरूरत नहीं है.” रामदास ने कहा कि 2004 में उनकी पार्टी संप्रग-1 सरकार का हिस्सा थी. उन्होंने कहा कि पीएमके ने ही केंद्र सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षा में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को न्यूनतम साझा कार्यक्रम का हिस्सा बनाने की मांग की थी.

रामदास ने कहा कि लेकिन जब संप्रग सरकार बनने के दो साल बाद भी इस आश्वासन को लागू नहीं किया गया, तो पार्टी संस्थापक, उनके पिता एस. रामदास ने कहा कि अगर वादा पूरा नहीं किया गया तो पीएमके गठबंधन से बाहर हो सकती है, तभी संप्रग ने इस आश्वासन को पूरा किया. उन्होंने कहा, ”यह गठबंधन सरकार थी. तमिलनाडु को भी इसकी जरूरत है.” उन्होंने दोहराया कि पीएमके का सिद्धांत सामाजिक न्याय है.

पंद्रह जून को ‘फादर्स डे’ के अवसर पर उन्होंने एस. रामदास को अपनी शुभकामनाएं दीं और कहा कि पार्टी संस्थापक को अच्छे स्वास्थ्य एवं मानसिक शांति के साथ 100 से अधिक वर्षों तक खुशी से जीना चाहिए तथा एक बेटे के रूप में यह सुनिश्चित करना उनका कर्तव्य भी है.

ऐसे समय में जब पार्टी में पिता-पुत्र की जोड़ी के बीच सत्ता संघर्ष अपने चरम पर है, तब अंबुमणि रामदास ने अपने पिता एस रामदास से खुली अपील की है, ”अगर मुझसे कोई नाराजगी है, तो कृपया मुझे माफ कर दें.” रामदास ने कहा कि उनके पिता की एक दशक पहले ‘कोरोनरी बाईपास सर्जरी’ हुई थी तथा अस्सी वर्षीय नेता को रक्तचाप और मधुमेह से जूझ रहे हैं.

उन्होंने कहा, “इसीलिए मैंने कहा कि आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए; तनाव नहीं लेना चाहिए. आप बताइए कि एक बेटे और पार्टी अध्यक्ष के नाते मुझे क्या करना चाहिए, मैं उसे तत्काल करूंगा. क्रोधित मत होइए और चिंता मत कीजिए. इस पार्टी को आपने बनाया है. हम आपके सपनों को जरूर साकार करेंगे.” उन्होंने कहा कि उनके पिता की 45 साल की कड़ी मेहनत कोई साधारण बात नहीं है. उन्होंने कहा, ”आप (एस. रामदास) एक राष्ट्रीय नेता हैं.” उन्होंने कहा कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीएमके संस्थापक को भारत के सबसे वरिष्ठ नेता के रूप में सम्मानित किया था.

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