एक खास जीत, अपने बेटे को बताने के लिये मेरे पास कई कहानियां हैं : भावुक हुए बुमराह

पर्थ. कुछ पलों के लिये जसप्रीत बुमराह एक प्रतिस्पर्धी क्रिकेटर की बजाय गर्व से भरे पिता के रूप में नजर आये जो अपने बेटे को बड़ा होने पर पर्थ टेस्ट की ऐतिहासिक जीत के किस्से सुनाना चाहता है . बुमराह का परिवार पर्थ में था जब भारत ने आस्ट्रेलिया को 295 रन से हराया . मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में बुमराह ने कहा ,” यह खास जीत है . एक कप्तान के तौर पर पहली जीत . मैं इससे बहुत खुश हूं . मेरा बेटा भी यहां है . मैं अपने बेटे के साथ जश्न मनाऊंगा और इसे याद रखूंगा . यह बहुत खास है .”

उन्होंने कहा ,” वह अभी बहुत छोटा है लेकिन जब बड़ा होगा तो मैं उसे इसकी कहानियां सुनाऊंगा . उससे कहूंगा कि जब हमने भारत के लिये इतना महत्वपूर्ण मैच जीता तो वह दर्शकों में था .” पर्थ की जीत इसलिये भी खास है क्योंकि बतौर कप्तान उन्होंने पहला मैच जीता . नियमित कप्तान रोहित शर्मा अपने बेटे के जन्म के कारण यहां नहीं खेले जिनकी जगह बुमराह ने कप्तानी की .

बुमराह ने कहा ,” काफी गर्व महसूस कर रहा हूं . यह मेरा दूसरा मैच है . मैने र्बिमंघम में भी कप्तानी की थी . पहले चरण में हम आगे थे लेकिन फिर इंग्लैंड ने अच्छा खेला . उस मैच से काफी कुछ सीखा .” उन्होंने कहा कि पर्थ टेस्ट में पहली पारी में सस्ते में आउट होने के बाद भी भारतीय ड्रेसिंग रूम में तनाव नहीं था क्योंकि सभी को वापसी का यकीन था . उन्होंने कहा ,” हम 150 रन पर आउट हो गए लेकिन ड्रेसिंग रूम में कोई उदास नहीं था क्योंकि सभी को पता था कि अपनी क्षमता पर भरोसा करने पर हम वापसी कर सकते हैं . यहां क्रिकेट खेलना कठिन है और आप पर दबाव बनाया जाता है लेकिन जब आप दबाव का सामना करना सीख जाते हैं तो काफी आत्मविश्वास आता है .”

जायसवाल ने इस मैच में अपनी सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी खेली: बुमराह

युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने कम समय में चार बड़े शतक जड़कर अपने टेस्ट करियर का शानदार आगाज किया है लेकिन भारत के कार्यवाहक कप्तान जसप्रीत बुमराह ने यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट  की दूसरी पारी में उनके 161 रन को अब तक की सर्वश्रेष्ठ पारी करार दिया. बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने चार शतकों में से दो को दोहरे शतक में बदला है.

जायसवाल गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाना पसंद करते है लेकिन दुनिया की सबसे तेज पिचों में से एक पर्थ में उन्होंने स्विंग और उछाल लेती गेंदों के खिलाफ शानदार संयम दिखाया. वह पहली पारी में खाता खोलने में नाकाम रहे लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने 297 गेंद में 15 चौके और तीन छक्के जड़ 161 रन बनाये.

बुमराह ने भारत की 295 रन की ऐतिहासिक जीत के बाद कहा, ”वह जायसवाल की अब तक की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी थी. वह आक्रमण करना पसंद करते है लेकिन उन्होंने गेंद को अच्छे से छोड़ा. उन्होंने काफी गेंदें छोड़ी.” दिग्गज विराट कोहली ने भी नाबाद 100 रन बनाकर लय में वापसी की लेकिन बुमराह ने कहा कि उन्हें नहीं लगा यह अनुभवी बल्लेबाज कभी लय से भटका था.

उन्होंने कहा, ” मुझे नहीं लगता कि विराट कभी लय से दूर हुए थे. बल्लेबाजी के लिए मुश्किल पिचों पर इसका आकलन करना कठिन है. वह नेट सत्र में लगातार अच्छा कर रहे थे.” भारतीय टीम पहली पारी में महज 150 रन पर आउट होने के बाद भी इस टेस्ट को बड़े अंतर से जीतने में सफल रही वह भी टीम के नियमित कप्तान रोहित शर्मा और भरोसेमंद बल्लेबाज शुभमन गिल के बिना. बुमराह ने कहा कि जब आप खुद पर भरोसा रखते हैं तो आपके साथ अच्छी चीजें होती है.

विराट कोहली को हमारी जरूरत नहीं, हमें उसकी जरूरत है: बुमराह

भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह ने सोमवार को विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि इस स्टार बल्लेबाज को टीम के जितने समर्थन की जरूरत है, टीम को उनके समर्थन की उससे अधिक जरूरत है. कोहली (नाबाद 100) के 30वें टेस्ट शतक ने पर्थ में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की ऐतिहासिक 295 रन की जीत में बड़ी भूमिका निभाई जबकि पहली पारी में टीम सिर्फ 150 रन पर ढेर हो गई थी.

बुमराह ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ”बेशक, मैं पहले ही कह चुका हूं कि विराट कोहली को हमारी जरूरत नहीं, हमें उसकी जरूरत है. वह अनुभवी खिलाड़ी है. यह उसका चौथा या पांचवां दौरा (ऑस्ट्रेलिया का) है. इसलिए वह अपने क्रिकेट को किसी से भी अधिक जानता है.” उन्होंने कहा, ”वह अच्छी लय में था. वह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार था. कभी-कभी अपने करियर में आप मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हैं. वह हमेशा मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करता रहा है. इसलिए हर मैच में ऐसा करना हमेशा मुश्किल होता है. लेकिन वह बहुत अच्छी फॉर्म में और बहुत अच्छी लय में बल्लेबाजी कर रहा था.”

इस तेज गेंदबाज ने कहा, ”और बेशक पहली पारी में वह अच्छी गेंद पर आउट हुआ. लेकिन वह अच्छी लय में था और दूसरी पारी में उसने इसका फायदा उठाया.” बुमराह कप्तान के तौर पर अपनी पहली टेस्ट जीत से खुश हैं लेकिन कहा कि भारत को छह दिसंबर से एडीलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में नए सिरे से शुरुआत करनी होगी.

उन्होंने कहा, ”विशेष जीत, कप्तान के तौर पर पहली जीत. हम दबाव में थे और हमने अपना जज्बा दिखाया.” बुमराह ने कहा, ”हम इस मैच से आत्मविश्वास ले सकते हैं लेकिन हमें दूसरे टेस्ट में नए सिरे से शुरुआत करनी होगी. हमें एडीलेड में इस सीख के साथ उतरना होगा.” इस तेज गेंदबाज ने यह भी कहा कि पहली पारी में कम स्कोर पर आउट होने के बावजूद ड्रेसिंग रूम में कोई घबराहट नहीं थी.
उन्होंने कहा, ”जब हम 150 रन पर आउट हो गए तो भी ड्रेसिंग रूम में कोई भी निराश नहीं था. यह सबसे बड़ी सकारात्मक बात थी, वह रवैया.”

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