
तिरुवनंतपुरम/कोच्चि/चेन्नई. अभिनेता जयसूर्या ने अपने खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए रविवार को आरोपों से इनकार किया और कहा कि इन आरोपों ने उन्हें, उनके परिवार और उनके हर करीबी व्यक्ति को ”तोड़” दिया है. पिछले एक महीने से अपने परिवार के साथ अमेरिका में मौजूद अभिनेता ने कहा कि वह कानूनी रूप से आरोपों का सामना करेंगे और उनके लौटने तक वकील उनके खिलाफ मुकदमों में सुनवाई में भाग लेंगे.
जयसूर्या ने 31 अगस्त को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्ति करते हुए फेसबुक पर कहा, ”अपनी निजी प्रतिबद्धताओं के कारण, मेरा परिवार और मैं पिछले एक महीने से अमेरिका में हूं तथा इस दौरान यौन उत्पीड़न के आधार पर दो झूठे आरोप मेरे खिलाफ लगाए गए हैं.”
उन्होंने कहा, ”स्वाभाविक रूप से, इसने मुझे, मेरे परिवार को और मेरे करीब हर व्यक्ति को तोड़ दिया है. मैंने कानूनी रूप से इसका सामना करने का फैसला लिया है.” जयसूर्या के खिलाफ एक अभिनेत्री ने यहां छावनी पुलिस थाने में 28 अगस्त को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला करना या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी. अभिनेत्री ने प्रसिद्ध अभिनेताओं एम. मुकेश, जयसूर्या और मणियांपिल्ला राजू के साथ ही इडावेलू बाबू पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.
महिला ने फेसबुक पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, ”वर्ष 2013 में, एक फिल्म में काम करते समय मुझे इन व्यक्तियों से शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा था. मैंने सहयोग करने और काम जारी रखने की कोशिश की लेकिन दुर्व्यवहार असहनीय हो गया था.” दूसरा मामला एक अन्य महिला कलाकर की शिकायत पर यहां करामना पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 354 सी (ताक-झांक) के तहत दर्ज किया गया है. महिला ने आरोप लगाया कि जयसूर्या ने 2012-13 के दौरान थोडुपुझा के समीप एक फिल्म के सेट पर उसका यौन उत्पीड़न किया था.
ममूटी ने हेमा समिति की रिपोर्ट लागू करने का अनुरोध किया
अभिनेता ममूटी ने रविवार को फिल्म उद्योग में किसी भी ‘पावर ग्रुप’ की मौजूदगी से इनकार किया और इस क्षेत्र में काम करने वाले सभी लोगों से सतर्क रहने का आह्वान किया ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे. दिग्गज अभिनेता ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में न्यायमूर्ति हेमा समिति गठित करने की राज्य सरकार की पहल की सराहना की और अनुरोध किया कि यदि कोई कानूनी बाधाएं हैं तो आवश्यक कानून बनाकर समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए.
रिपोर्ट और उसके बाद सिनेमा जगत को हिला देने वाले आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ममूटी ने कहा कि वह समिति की रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों और समाधानों का तहे दिल से स्वागत और समर्थन करते हैं तथा उन्होंने फिल्म उद्योग के सभी संगठनों से उन्हें लागू करने में साथ आने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि पुलिस कई महिलाओं द्वारा की गई यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की शिकायतों की सख्ती से जांच कर रही है इसलिए एजेंसी को अपनी जांच ईमानदारी से करने दी जानी चाहिए.
अभिनेता ने यह भी कहा कि चूंकि समिति की पूरी रिपोर्ट अदालत के समक्ष है इसलिए वह दंड पर निर्णय कर सकती है. ममूटी ने अपने पोस्ट में कहा कि उनकी प्रतिक्रिया में देरी हुई क्योंकि वह अभिनेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन और उसके नेतृत्व द्वारा समिति की रिपोर्ट पर पहले प्रतिक्रिया दिए जाने का इंतजार कर रहे थे.
हेमा कमेटी रिपोर्ट: केरल सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगा यूडीएफ
विपक्षी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) न्यायमूर्ति के. हेमा कमेटी की रिपोर्ट में कथित तौर पर उल्लेखित व्यक्तियों को बचाने के आरोप में सोमवार को यहां सचिवालय के सामने वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगा. विपक्ष हाल के लोकसभा चुनाव के दौरान वडकारा निर्वाचन क्षेत्र में विवादास्पद “काफिर” ‘स्क्रीनशॉट’ बनाने और प्रचारित करने वालों को पिनराई विजयन सरकार द्वारा दिए गए कथित संरक्षण के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन करेगा.
रविवार को एक बयान में कहा गया है कि राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन दो सितंबर की सुबह सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करेंगे बयान में कहा गया है कि यूडीएफ संयोजक एम. एम. हसन, केपीसीसी अध्यक्ष के. सुधाकरन, पी. के. कुन्हालीकुट्टी, पी. जे. जोसेफ, सी.पी. जॉन, अनूप जैकब और सिबू बेबी जॉन समेत कई प्रमुख नेता विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे.
हेमा समिति और उससे संबंधित मांगों के बारे में कोई जानकारी नहीं: रजनीकांत
सुपरस्टार रजनीकांत ने रविवार को कहा कि उन्हें न्यायमूर्ति हेमा समिति और तमिलनाडु में भी इसी तरह की एक समिति गठित करने की मांग के बारे में कोई जानकारी नहीं है. जब संवाददाताओं ने रजनीकांत से पड़ोसी राज्य केरल की न्यायमूर्ति हेमा समिति तथा कई लोगों द्वारा तमिलनाडु में भी ऐसी ही समिति गठित करने की मांग के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, ” क्या? मुझे इसकी जानकारी नहीं है, क्षमा करें. ”
न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में किए गए खुलासों के बाद विभिन्न निर्देशकों और अभिनेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं. तब से मलयालम फिल्म जगत की कई हस्तियों के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं. वर्ष 2017 में एक अभिनेत्री पर हमले के बाद केरल सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न एवं शोषण के मामलों का खुलासा किया गया है.



