ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मामले में ईडी के समक्ष पेश हुए अभिनेता विजय देवरकोंडा

हैदराबाद. मशहूर अभिनेता विजय देवरकोंडा अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और इससे जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए. फिल्म ‘लाइगर’ में काम कर चुके अभिनेता यहां केंद्रीय एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के समक्ष पेश हुए. देवरकोंडा ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि ईडी ने उनसे गेमिंग ऐप से संबंधित कुछ स्पष्टीकरण मांगे.

देवरकोंडा ने कहा, ” मैं एक गेमिंग ऐप के लिए प्रचार कर रहा हूं. गेमिंग ऐप और सट्टेबाजी ऐप के बीच कोई संबंध नहीं है. गेमिंग ऐप पूरी तरह से कानूनी हैं और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं, यह एक व्यवसाय के रूप में लाइसेंस प्राप्त हैं. ये ऐप उच्चतम न्यायालय और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा पूरी तरह से पंजीकृत और मान्यता प्राप्त हैं.” उन्होंने कुछ पंजीकृत गेमिंग ऐप का उल्लेख किया और कहा कि वे भारतीय क्रिकेट टीम, भारतीय ओलंपिक टीम, आईपीएल, कब्बड्डी और वॉलीबॉल लीग के प्रायोजक हैं क्योंकि ये पूरी तरह से कानूनी संस्थाएं हैं.

अभिनेता ने कहा कि इसलिए पहले तो गेमिंग ऐप को अवैध सट्टेबाजी ऐप से अलग किया जाना चाहिए. देवरकोंडा ने कहा, ” चूंकि मेरा नाम सामने आया है, इसलिए उन्होंने (ईडी) कुछ स्पष्टीकरण के लिए मुझसे सवाल किए.” उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय और राज्य सरकारें यह तय करने के लिए उचित निकाय हैं कि क्या सही है और क्या गलत है. इससे पहले, अभिनेता प्रकाश राज इस मामले में 30 जुलाई को ईडी के सामने पेश हुए थे. ईडी ने राज के अलावा अभिनेता राणा दग्गुबती, विजय देवरकोंडा और लक्ष्मी मांचू को भी मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अभिनेताओं ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का “प्रचार” किया था, जिससे कथित तौर पर अवैध तरीके से धन हासिल किया जाता था. हैदराबाद में जन्मे अभिनेता देवरकोंडा ने वर्ष 2011 की तेलुगु फिल्म ‘नुव्विला’ से अभिनय कॅरियर की शुरुआत की और वह 2017 की हिट फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ से लोगों के दिलों में छा गए. ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अभिनेता के बयान दर्ज कर सकती है.

ईडी ने पांच राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकियों के आधार पर इन अभिनेताओं और कई अन्य मशहूर हस्तियों तथा सोशल मीडिया ‘इंफ्लुएंसर’ के खिलाफ मामला दर्ज किया था. ईडी सूत्रों ने बताया कि ऐसा संदेह है कि इन व्यक्तियों ने विज्ञापन शुल्क के लिए ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का ‘समर्थन’ किया. उन्होंने बताया कि इन मंचों पर अवैध सट्टेबाजी और जुए के जरिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ‘अवैध’ धनराशि अर्जित की गई. सूत्रों के अनुसार, इन जाने-माने व्यक्तियों में से कुछ ने पहले कहा था कि उन्होंने जिन ऐप का समर्थन किया, वे उसकी कार्यप्रणाली नहीं जानते थे.

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