
बरेली. बरेली के प्रतिष्ठित आला हजरत परिवार से जुड़े इत्तेहाद-ए-मिल्लत प्रमुख (आईएमसी) मौलाना तौकीर रज़ा खान के बड़े भाई की बहू निदा खान को 26 सितंबर को शहर में हुई हिंसा के बाद कथित तौर पर धमकियां दी जा रही हैं. निदा खान ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई की मांग की है.
बरेली का आला हजरत परिवार विख्यात इस्लामी विद्वान, सूफी और सुधारक रहे आला हजरत के नाम से मशहूर अहमद रजा खान बरेलवी के वंशज और अनुयायी हैं. यह परिवार सुन्नी इस्लाम के बरेलवी आंदोलन में महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक दबदबा रखता है. इस खानदान की बहू निदा ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दावा किया कि उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपमानजनक संदेश और इंटरनेट से प्राप्त नंबरों से धमकी भरी कॉल आ रही हैं. उन्होंने कहा कि मौलाना तौकीर रजा खान के अनुयायी उन्हें धमका रहे हैं. उन्होंने पुलिस से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की. निदा का अपने पति शीरान रजा से तलाक का मामला अदालत में विचाराधीन है.
निदा ने चार मिनट 24 सेकंड के वीडियो में कहा कि उन्हें पहले भी धमकियां मिली थीं, लेकिन पिछले महीने 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ अभियान को लेकर हुई हिंसा तथा उसके बाद मौलाना तौकीर रजा खान की गिरफ़्तारी के बाद स्थिति और बिगड़ गई.
निदा खान ने वीडियो में कहा, ”मौलाना के अनुयायी पिछले कई दिनों से इंटरनेट से मिले नंबरों से मुझे फोन कर रहे हैं और ऑनलाइन गालियां दे रहे हैं. अब मैं असुरक्षित महसूस कर रही हूं.” हालांकि निदा खान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें धमकियां आखिर क्यों मिल रही हैं.
बरेली हिंसा मामले में मुख्य अभियुक्त के तौर पर गिरफ्तार किए गए मौलाना तौकीर राजा खान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,”मौलाना के साथ जो कुछ भी हुआ वह सही था, क्योंकि उनके कृत्यों के कारण कई मुसलमान पीड़ित थे.” बारादरी थाने के प्रभारी धनंजय पांडे ने बृहस्पतिवार को कहा कि निदा खान की ओर से अभी तक कोई शिकायत या वीडियो नहीं मिला है तथा अगर कोई लिखित शिकायत या वीडियो मिलता है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
बरेली में पिछली 26 सितंबर को “आई लव मोहम्मद” मामले को लेकर बरेली में हिंसा भड़क उठी थी. शुक्रवार की नमाज के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान जब पुलिस ने खलील तिराहे पर भीड़ को रोकने की कोशिश की तो झड़प शुरू हो गई थी. इस दौरान पुलिसर्किमयों पर पथराव किया गया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था. बाद में पुलिस जांच में पता चला कि इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के कुछ नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों की आड़ में दंगे भड़काने की कथित साजिश रची थी. आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा खान इस समय हिंसा में संलिप्तता के आरोप में जेल में हैं.



