आलू का भाव स्थिर होने के बाद अन्य राज्यों में इसे भेजने की अनुमति देगा प. बंगाल

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 29 Jul 2024 07:51 PM
आलू का भाव स्थिर होने के बाद अन्य राज्यों में इसे भेजने की अनुमति देगा प. बंगाल
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में आलू की खुदरा कीमतें 30 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर होने के बाद इसकी खेप अन्य राज्यों को भेजने पर विचार किया जाएगा. कोलकाता में एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी. देश में आलू के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक पश्चिम बंगाल ने स्थानीय बाजार में कीमतों में भारी वृद्धि के कारण अन्य राज्यों को आलू की खेप भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया है. असम, झारखंड, ओडिशा और बिहार जैसे पड़ोसी राज्य आलू के लिए पश्चिम बंगाल पर निर्भर हैं.

पश्चिम बंगाल के कृषि विपणन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ”हम कीमतों को नियंत्रित करने में सक्षम हैं, लेकिन हमारा लक्ष्य पड़ोसी राज्यों को खेप भेजने से पहले खुदरा स्तर पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम के कीमत स्तर को हासिल करना है.” उन्होंने कहा कि स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और गहन समीक्षा के बाद अगला कदम उठाया जाएगा. मौजूदा वक्त में कोलकाता में ‘ज्योति’ किस्म का आलू 36 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिक रहा है. सरकारी सुफल बांग्ला आउटलेट 29 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आलू बेच रहे हैं.

प्रगतिशील आलू व्यापारी संघ ने कहा कि उसे मूल्य लक्ष्य या बाहरी खेप भेजना फिर से शुरू करने के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. एसोसिएशन के सचिव लालू मुखर्जी ने कहा, ”ऐसा कोई संदेश या निर्देश नहीं है कि खुदरा कीमतें 30 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर होने के बाद पड़ोसी राज्यों को खेप भेजने की अनुमति दी जाएगी.” व्यापारियों ने तर्क दिया कि अन्य राज्यों को भेजी जाने वाली किस्में स्थानीय रूप से खपत की जाने वाली किस्मों से भिन्न हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि लंबे समय तक प्रतिबंध से अधिशेष बच सकता है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है. पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते कई राज्यों में आलू की कीमतें आसमान छू रही हैं.

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