गठबंधन मजबूत, झारखंड में सरकार को कोई खतरा नहीं : मुख्यमंत्री चंपई सोरेन

नयी दिल्ली/रांची. कांग्रेस के चार विधायकों को मंत्री के रूप में शामिल करने पर पार्टी विधायकों के एक वर्ग में नाराजगी की खबरों के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने रविवार को कहा कि प्रदेश में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाला गठबंधन “मजबूत” है और राज्य में सरकार को कोई खतरा नहीं है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से नयी दिल्ली में मुलाकात से पहले सोरेन ने यह टिप्पणी की.

खरगे से मुलाकात के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष से यह शिष्टाचार मुलाकात थी. हालिया मंत्रिमंडल गठन को लेकर कांग्रेस विधायकों के एक वर्ग के असंतुष्ट होने पर सोरेन ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है.

सोरेन के साथ अपनी मुलाकात के बाद खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “आज झारखंड के मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन जी व झारखंड कांग्रेस के नेताओं के साथ मिलकर हमने पुन? साथ मिलकर तानाशाही (केंद्र) सरकार से लड़ने का संकल्प लिया.” उन्होंने कहा, “हम झारखंड में प्रगतिशील, जन-कल्याणकारी और सामाजिक न्याय की अपनी यात्रा जारी रखेंगे.” खरगे के साथ बैठक में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर, अखिल भारतीय कंग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के झारखंड प्रभारी महासचिव गुलाम अहमद मीर और प्रणव झा समेत अन्य मौजूद थे.

बैठक के बारे में पूछे जाने पर मीर ने भी पत्रकारों से कहा कि यह एक शिष्टाचार भेंट थी. कांग्रेस के असंतुष्ट विधायकों के एक वर्ग के दिल्ली में होने के बारे में पूछे जाने पर मीर ने कहा कि उन्हें (विधायकों को) सरकार से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित कुछ विशिष्ट मसले हैं जिन्हें वे पार्टी नेतृत्व के समक्ष उठाएंगे और हल कराएंगे.

इससे पहले सुबह में, सोरेन ने कहा था, ” इससे पहले सुबह सोरेन ने कहा, “(यह) कोई मुद्दा ही नहीं है, हमारा गठबंधन मजबूत है.” असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों के दिल्ली में होने के बारे पूछे जाने पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा था, “यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है, वे इसे सुलझा लेंगे. मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है. झामुमो और कांग्रेस के बीच कोई विवाद नहीं है और सब कुछ बिल्कुल ठीक है.” कांग्रेस के कम से कम 12 विधायकों ने 23 फरवरी से शुरू हो रहे आगामी राज्य विधानसभा सत्र का बहिष्कार करने और मंत्रियों को नहीं बदलने पर जयपुर जाने की धमकी दी है.

झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 81-सदस्यीय विधानसभा में 47 विधायक (झामुमो के 29, कांग्रेस के 17 और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक) हैं. आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख को फिर से मंत्री पद देने के कांग्रेस के फैसले से नाखुश विधायक पहले रांची के एक होटल में एकत्र हुए. उन्हें मनाने के लिए झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के सबसे छोटे बेटे और मंत्री बसंत सोरेन पहुंचे. विधायकों के साथ बैठक के बाद बसंत सोरेन ने कहा, “कोई भ्रम नहीं है…हम सभी एकजुट हैं.”

‘सम्मान को ठेस पहुंची है, चुप नहीं बैठेंगे’: मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर असंतुष्ट झामुमो विधायक

झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से नाराज झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक वैद्यनाथ राम ने रविवार को कहा कि इससे ”उनके सम्मान को ठेस पहुंची है और वह चुप नहीं बैठेंगे.” लातेहार से विधायक राम ने कहा कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने के फैसले ने अनुसूचित जनजाति की ”भावनाओं को भी आहत” किया है. विधायक ने आगे की कार्रवाई तय करने के लिए आज अपने आवास पर एक बैठक बुलाई है.

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ ने कहा,”मेरे सम्मान को ठेस पहुंची है, मैं चुप नहीं बैठूंगा.” झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के सबसे छोटे बेटे बसंत सोरेन समेत आठ विधायकों ने चंपई सोरेन मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली है. कथित तौर पर अंतिम समय में राम का नाम सूची से हटा दिया गया था. असंतुष्ट विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने मंत्री पद पर विचार के लिए दो दिन का वक्त मांगा है.

उन्होंने कहा,” मुख्यमंत्री दिल्ली में हैं. उम्मीद करता हूं कि जब वे रांची वापस आएंगे तो कोई सकारात्मक जवाब देंगे अन्यथा मैं कोई निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हूं.” झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 81 सदस्यीय विधानसभा में 47 विधायक (झामुमो के 29, कांग्रेस के 17 और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का एक) हैं. झारखंड में कांग्रेस के चार विधायकों को मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की सरकार में शामिल करने से नाराज पार्टी के 12 में से आठ विधायक शनिवार शाम दिल्ली पहुंचे.

आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख को फिर से मंत्री पद देने के कांग्रेस के फैसले से नाखुश विधायक पहले रांची के एक होटल में एकत्र हुए. उन्हें मनाने के लिए झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के सबसे छोटे बेटे और मंत्री बसंत सोरेन पहुंचे.
कांग्रेस के कम से कम 12 विधायकों ने धमकी दी है कि अगर पार्टी के कोटे के मंत्री बनाए गए नेताओं को बदला नहीं गया तो वे 23 फरवरी से होने वाले आगामी विधानसभा सत्र का बहिष्कार करेंगे.

Related Articles

Back to top button