अमित शाह ने बंगाल में “सरकार प्रायोजित घुसपैठ” के लिए टीएमसी सरकार पर निशाना साधा

सीमा पार घुसपैठ रुकने पर ही बंगाल में शांति स्थापित की जा सकती है : अमित शाह

कोलकाता. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर “सरकार प्रायोजित घुसपैठ” और भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया और दावा किया कि संदेशखालि में महिलाओं पर हमले तथा आरजी कर अस्पताल में एक चिकित्सक से बलात्कार-हत्या जैसे मामले इस बात का सबूत हैं कि राज्य में महिलाएं ”सुरक्षित नहीं” हैं. शाह ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यता अभियान की शुरुआत की और राज्य में एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा.

उन्होंने कहा, ”बंगाल में जहां सुबह-सुबह रवींद्र संगीत (टैगोर के गीत) सुनाई देते थे, वहां अब हर जगह बमों की आवाजें सुनाई देती हैं. बंगाल में सरकार प्रायोजित घुसपैठ जारी है. ‘कट मनी’ और संगठित गिरोह के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया, स्वास्थ्य क्षेत्र और राशन में भ्रष्टाचार व्याप्त है.” शाह ने कहा, “इससे छुटकारा पाने और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सपनों का सोनार बांग्ला (विकसित बंगाल) बनाने के लिए बंगाल के लोगों को 2026 में भाजपा की सरकार बनाने की जरूरत है.” उन्होंने बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों में “दो-तिहाई सीट जीतने” का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में यह ‘कट-मनी’ संस्कृति और भ्रष्टाचार समाप्त होना चाहिए.

शाह ने संदेशखालि और आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की घटनाओं का जिक्र किया. आरजी कर अस्पताल में अगस्त में एक महिला चिकित्सक से कथित तौर पर बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि ये घटनाएं पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा के अभाव को दर्शाती हैं. इस साल लोकसभा चुनावों से पहले, उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में टीएमसी नेताओं के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगे थे और यह बंगाल में संसदीय चुनाव में एक मुद्दा बन गया था.

उन्होंने कहा, “बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. 2026 में जब भाजपा सत्ता में आएगी, तो संदेशखालि और आरजी कर जैसी घटनाएं बंद हो जाएंगी.” शाह ने पार्टी सदस्यों से राज्य में अपने प्रभाव को कम नहीं आंकने का आग्रह करते हुए कहा, “ममता दीदी को यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें बंगाल में कुछ सीट मिली हैं तो हम हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं.” भाजपा ने लोकसभा चुनाव में बंगाल से 30 से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उसे 2019 की तुलना में छह कम यानी 12 सीट पर जीत मिली. पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीट हैं.

उन्होंने कहा, “मत भूलिए, हम दो सीट से 370 सीट पर पहुंच चुके हैं और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने जैसे कदम उठाए हैं. 2024 में राज्यों में चुनावों में से हमने 50 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए हैं. हमने हरियाणा में जीत हासिल की है और हम झारखंड और महाराष्ट्र में भी जीतेंगे.” भाजपा नेता शाह ने कहा, “इसके बाद, 2026 में हमारा अगला बड़ा लक्ष्य बंगाल में जीत हासिल करना और दो-तिहाई बहुमत के साथ अगली सरकार बनाना है.” अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव और आरजी कर की घटना के बाद शाह का यह पहला बंगाल दौरा था. आरजी कर में एक महिला चिकित्सक से कथित तौर पर बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की और कहा कि यद्यपि कांग्रेस पार्टी इस साल के लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन का जश्न मना रही है, लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है.

शाह ने कहा, “राहुल गांधी ने संसद में दावा किया कि उन्होंने हमें चुनाव में हरा दिया है और मुझे समझ में नहीं आता कि उनके सहयोगी उन्हें यह क्यों नहीं समझाते कि जो जीतता है वह प्रधानमंत्री पद की शपथ लेता है और जो हारता है वह विपक्ष की बेंच पर बैठता है.” शाह के आरोपों का जवाब देते हुए टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, “घुसपैठ अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ी एक समस्या है, जिसकी सुरक्षा उनके मंत्रालय के तहत आने वाला बल बीएसएफ कर रहा है. इसलिए, अगर घुसपैठ एक मुद्दा है, तो यह गृह मंत्रालय और सीमा सुरक्षा के लिए जिम्मेदार केंद्रीय एजेंसियों की विफलता है.” घोष ने कहा कि शाह को बंगाल में एक “राजनीतिक पर्यटक” के रूप में देखा जाता है, जिनका स्थानीय राजनीति पर बहुत कम प्रभाव है. टीएमसी नेता ने कहा, “वह अक्सर चुनाव से पहले आते हैं और बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन चुनाव परिणाम कुछ और ही कहानी बयां करते हैं.”

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